बस्तर में 16 दिन बाद बढ़ गया मतदान

जगदलपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के आंकड़े बस्तर में बदल गये हैं. इसके अलावा राजनांदगांव ज़िले में भी एक सीट पर मतदान के आंकड़ों में बदलाव हुआ है. यह बदलाव मतदान के 16 दिनों के बाद हुआ है. दिलचस्प ये है कि सर्वाधिक माओवाद प्रभावित दंतेवाड़ा और सुकमा के आंकड़ों में कोई फेरबदल नहीं हुआ है.

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में विधानसभा के चुनाव हुये हैं. पहले चरण में माओवाद प्रभावित बस्तर और राजनांदगांव की 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान हुआ था. जिसके आंकड़े राज्य निर्वाचन आयोग ने 12 नवंबर को सार्वजनिक किये थे. अधिकांश इलाकों में शाम 3 बजे तक ही मतदान हुआ था.


इस आंकड़े के अनुसार 18 विधानसभा क्षेत्रों में 60.49 प्रतिशत मतदान हुआ था.

निर्वाचन आयोग ने दावा किया था कि मतदान के आंकड़ों में बढ़ोत्तरी हो सकती है, जब भीतरी इलाकों में मतदान कराने गई टीमें देर रात तक लौटेंगी. इसके बाद निर्वाचन आयोग ने मतदान के अगले दिन फिर से मतदान के आंकड़े सार्वजनिक किये.

13 नवंबर को जो आंकड़े प्रस्तुत किये गये, उसके अनुसार 18 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत बढ़ कर 76.28 प्रतिशत हो गया था. यानी मतदान में लगभग 16 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई.

अब मतदान के 16 दिन बाद 27 नवंबर को राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग की ओर से जो जानकारी सार्वजनिक की गई है, उसके अनुसार 18 में से 10 विधानसभा क्षेत्रों में तीसरी बार मतदान का प्रतिशत बढ़ गया है.

13 नवंबर को प्रस्तुत आंकड़ा और 27 नवंबर को प्रस्तुत आंकड़े में कई स्थानों पर बदलाव नज़र आ रहा रहै. मोहला-मानपुर में मतदान प्रतिशत 80 से बढ़ कर 80.06 प्रतिशत, भानुप्रतापपुर में 76.77 से बढ़कर 77.25 प्रतिशत, कांकेर में 78.54 से बढ़ कर 78.72 प्रतिशत, केशकाल में 81.32 से बढ़ कर 81.73 और कोंडागांव में 82.84 से बढ़ कर 83.48 प्रतिशत हो गया है.

इसी तरह नारायणपुर में 74.4 से बढ़ कर 74.88 प्रतिशत, बस्तर में 83.51 से बढ़ कर 83.64 प्रतिशत, जगदलपुर में 78.24 से बढ़ कर 78.33 प्रतिशत, चित्रकोट में 78.89 से बढ़ कर 80.32 और बीजापुर में 47.35 से बढ़ कर मतदान का प्रतिशत 48.49 तक जा पहुंचा है.

एकबारगी देखने पर यह आंकड़ों में मामूली फेरबदल लग सकता है लेकिन छत्तीसगढ़ में पिछली बार कांग्रेस और भाजपा के बीच वोट का अंतर महज 0.75 प्रतिशत था. संख्या में देखें तो भाजपा के विधायक राजू क्षत्री महज 608 वोटों से जीते थे. इसी तरह मोहला मानपुर में कांग्रेस की तेजकुंवर 956 वोटों से जीती थीं.

कवर्धा में पिछले चुनाव में हार-जीत का अंतर 2558 वोटों का था तो खैरागढ़ में हार-जीत का अंतर 2190 वोटों का था. डोंगरगांव में यह आंकड़ा 1698 वोटों का था तो वैशालीनगर में 2448 वोट का अंतर हार जीत में था.

2013 के विधानसभा चुनाव में जैजेपुर विधानसभा में 2579 मतों के अंतर से से हार-जीत तय हुई थी तो राजिम में यह अंतर 2441 वोटों का था. रायपुर ग्रामीण से कांग्रेस के कद्दावर नेता सत्यनारायण शर्मा महज 1861 वोटों से जीते थे. मुंगेली में भाजपा नेता पुन्नुलाल मोहले 2745 वोटों से जीते थे, वहीं दुर्ग ग्रामीण में हार-जीत का अंतर केवल 2979 वोटों का था.

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