छह घंटे की सिलाई, दस हजार की कमाई

दंतेवाड़ा | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की सहेली स्वसहायता समूह की अध्यक्ष रामबती कश्यप केवल छह घंटे का वक्त सिलाई को देती हैं. इसके एवज में उसे हर महीने दस हजार रुपए तक की आय होती है. इतना ही नहीं 34 सदस्यीय स्वसहायता समूह के गठन करने का और इसे लगातार आगे ले जाने का संतोष भी उन्होंने अर्जित किया है.

राज्य शासन की मदद से मिली पंद्रह हजार रुपए की राशि और दंतेवाड़ा जनपद पंचायत में सिलाई मशीन की सुविधा का लाभ उठाकर उन्होंने समूह का काम आगे बढ़ाया है. काम फैल रहा है और अब समूह नई सिलाई मशीन और कटिंग मशीन लेने की योजना बना रहा है. समूह में सबको आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है.

समूह की सदस्य कुमारी विनीता नाग कहती हैं कि यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम कितना काम कर सकते हैं जितना हम काम करेंगे, उतनी आर्थिक सुविधाएँ हमें मिल पाएंगी. विनीता कहती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद इस बात का संतोष होता है कि हम भी घर चलाने में अपनी आर्थिक भागीदारी कर पाते हैं, अपने से छोटे भाई-बहनों की खुशियाँ का ध्यान रख पाते हैं. फिलहाल समूह को स्कूली बच्चों के गणवेश बनाने का काम मिला है.

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की रामबती बताती हैं कि जनपद पंचायत के भवन में सहेली स्वसहायता समूह के साथ ही प्रगति प्रयास उमंग स्वसहायता समूह की गतिविधियाँ भी चल रही हैं. दोनों ही संस्थाओं का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. यही नहीं दंतेवाड़ा और बालपेट में अन्य स्वसहायता समूह भी हैं जो सिलाई के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, यहाँ बाजार इतना बड़ा है कि सबके लिए कार्य करने की व्यापक संभावनाएँ हैं.

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