नागपंचमी पर नाग के दर्शन दुर्लभ

बिलासपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ की न्यायाधानी बिलासपुर में नागपंचमी का त्योहार शुक्रवार को पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया. शिव मंदिरों में काफी भीड़ उमड़ी. विशेषकर शिव की मूर्ति में उनके गले में लिपटे नाग की पूजा की गई, मगर श्रद्धालु नाग के साक्षात दर्शन नहीं कर पाए.

परंपरा के अनुसार सपेरे शहर की गलियों में घूमकर लोगों को नाग के दर्शन कराते रहे हैं, लेकिन सांप पकड़ने पर प्रतिबंध के कारण यह परंपरा अब छूटती जा रही है.

नागपंचमी के दिन नागदेवता के दर्शन करने, उनकी पूजा करने और उन्हें दूध पिलाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, लेकिन वन विभाग की सख्ती के बाद सपेरों ने सांप पकड़ना छोड़ दिया है. पहले की तरह सपेरे शहर की गलियों में लोगों को सांप दिखाने के लिए अब नहीं घूमते.

पर्व के दिन सांप लेकर गांवों और कस्बों में जाने पर पहले सपेरों को भरपूर दान मिलता था. वन विभाग ने जब से सांपों को पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है, तब से सपेरों के लिए रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है. गुजारे के लिए वे मजदूरी करने को मजबूर हो गए हैं.

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