छत्तीसगढ़: नलकूप खनन पर प्रतिबंध

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नए नलकूप का पेयजल के अतिरिक्त किसी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा. आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने मानसून के आगमन तक जिले को जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है.

बिलासपुर के कलेक्टर अन्बलगन पी. ने यह आदेश छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा तीन के तहत जारी किया है. यह आदेश 23 मार्च 2016 से प्रभावशील हो गया है.

आदेश के अनुसार शासकीय एजेंसी जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सम्पूर्ण जिले में तथा नगर पालिक निगम एवं नगर पंचायतों को केवल पेयजल के लिए अपने निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी. लेकिन उन्हें इस अवधि में खनन कराए गए नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा.

जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए निम्न अधिकारियों को प्राधिकृत अधिकारी घोषित किया गया है. बिलासपुर नगर निगम सीमा के तहत अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्राधिकृत किए गए हैं. राजस्व अनुविभाग बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी कोटा तथा पेन्ड्रारोड में संबंधित अनुविभाग के एसडीएम प्राधिकृत अधिकारी बनाए गए हैं.

उक्त अधिकारी अपने क्षेत्र में उल्लेखित प्रावधान के अनुसार आवश्यक होने पर नलकूप खनन की अनुमति देंगे. यदि किसी एजेंसी या व्यक्ति द्वारा उक्त अधिनियम का उल्लंघन कर नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई संबंधित प्राधिकारी अधिकारी सुनिश्चित करेंगे.

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