विकास के धन से विकास यात्रा: कैग

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने विकास के धन का उपयोग रमन सरकार के विकास यात्रा में किया था. कैग ने पाया कि छत्तीसगढ़ के 2013 के विधानसभा चुनाव के पहले रमन सरकार के विकास यात्रा में पीडब्लूडी तथा जनसंपर्क विभाग ने क्रमशः 2.33 करोड़ तथा 7.25 करोड़ रुपये खर्च किये थे जिसे दूसरे मद में खर्च करना था. कैग ने इस अनियमितता के लिये पीडब्लूडी तथा जनसंपर्क विभाग की आलोचना की है. रमन सरकार के विकास यात्रा में कुल 9.58 करोड़ दूसरे मद से खर्च किये गये थे जिसका उपयोग विकास के लिये करना था.

अपनी ऑडिट में कैग ने पाया कि छत्तीसगढ़ के पीडब्लूडी विभाग के दस डिवीजनों ने साल 2013-14 में 2033 करोड़ रुपये विकास यात्रा के समय टेंट खड़े करने तथा दूसरे इंतजामात में खर्च किये थे. इस खर्च को सड़क निर्माण कार्यों के लिए वार्षिक मरम्मत और रखरखाव के मद में डाल दिया गया है.


कैग ने उल्लेख किया है कि पीडब्लूडी विभाग ने इसे स्वीकार किया है तथा कहा है कि जब भी जनसंपर्क विभाग से आवंटन मिलेगा इस खर्च को उस मद में डाल दिया जायेगा.

जनसंपर्क विभाग ने कैग को जवाब दिया है कि विकास यात्रा कोई नियमित कार्यक्रम नहीं है इसलिये उसके लिये अलग से किसी फंड की व्यवस्था नहीं थी. इसलिये बजट आवंटन प्राप्त न किया जा सका.

कैग ने पाया कि जनसंपर्क विभाग ने 7.25 करोड़ रुपये विकास यात्रा में खर्च किये जिसे आदिवासी क्षेत्रों में संवर्धन और विज्ञापन पर खर्च किया जाना था.

छत्तीसगढ़ के 2013-14 खर्च के ऑडिट में कैग ने पाया कि विकास यात्रा के समय रायपुर के विज्ञापन एजेंसी कौनसोल इंडिया को बिना किसी टेंडर के काम दे दिया गया था. इस विज्ञापन एजेंसी को 40.53 लाख रुपये दिये गये थे. विज्ञापन एजेंसी ने विज्ञापन के तौर पर बल्क एसएमएस भेजे थे. कैग ने सवाल खड़ा किया है कि इसकी किस तरह से जांच की जाये कि बल्क एसएमएस भेजे गये थे.

इसी तरह से कैग ने पाया कि मुंबई की एक विज्ञापन एजेंसी को विकास यात्रा के समय ट्रकों पर डिजीटल स्क्रीन द्वारा सरकार के योजनाओं के विज्ञापन का जिम्मा दिया गया था. जिसके लिये टेंडर आमंत्रित नहीं किया गया था. कैग ने इस तर्क को खारिज कर दिया है कि विकास यात्रा कुछ पहले ही इसका निर्णय लिया गया था तथा टेंडर के लिये समय नहीं था.

उल्लेखनीय है कि 6 मई 2013 को भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने दंतेवाड़ा के दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के नेतृत्व में इस विकास यात्रा का शुभारंभ किया था. छः हजार किलोमीटर से भी ज्यादा की इस विकास यात्रा का समापन अंबिकापुर में नरेन्द्र मोदी ने किया था.

विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एक-एक जिले जाकर शहरी और ग्रामीणों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा पिछले 5 साल के दौरान किए गए कार्यों का लेखा-जोखा देते रहे. इसके साथ-साथ वे आम जनता से अगले 5 साल के लिए एक रोड मेप भी पेश करते रहे, जिससे प्रदेश की जनता को भाजपा नीत सरकार की भावी योजनाओं की जानकारी मिली. 2008 में भी चुनाव के ठीक पहले विकास यात्रा निकाली गई थी. विकास यात्रा के दौरान दर्जनों-सैकड़ों की मात्रा में शिलान्यास और लोकार्पण मानो चुनावी तैयारी की ओर इंगित करता था.

इस विकास यात्रा का समापन अंबिकापुर में तब के भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने लालकिला नुमा मंच से की थी.

Modi speaks at the BJP’s ‘Vikas Yatra’ in Ambikapur-

One thought on “विकास के धन से विकास यात्रा: कैग

  • July 27, 2015 at 16:19
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    और क्या अपेक्षा है इनसे।

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