छत्तीसगढ़ करेगा 50लाख बच्चों का इलाज

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नवजात शिशुओं से लेकर 18 वर्ष तक आयु समूह के बच्चों को ‘चिरायु’ परियोजना की सौगात दी है. रमन सिंह ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में राष्ट्रीय बल कार्यक्रम से सम्बंधित इस परियोजना का शुभारंभ किया.

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों के लगभग 50 लाख बच्चों को इस परियोजना का लाभ मिलेगा. परियोजना के तहत आंगनवाड़ी के बच्चों का साल में दो बार और शालेय बच्चों का साल में एक बार अनिवार्य रूप से परीक्षण किया जायेगा.


मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य में स्वस्थ पीढ़ियों के निर्माण में चिरायु परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. यह परियोजना राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत चलेगी. प्रदेश के सभी 27 जिलों में इस परियोजना के तहत 292 वाहनों में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों के दल गांव-गांव जाकर इस आयु समूह के बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज करेंगे.

छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संचालक अय्याज तम्बोली ने इस अवसर पर बताया कि स्वस्थ बचपन सुरक्षित भविष्य के उद्देश्य को पूरा करने के लिए राज्य शासन द्वारा चिरायु परियोजना के तहत प्रदेश भर में साठ करोड़ रुपये की लागत से 292 वाहन संचालित किए जाएंगे. प्रदेश के सभी 27 जिलों के कुल 146 विकास खण्डों में 292 चिकित्सा दलों का गठन किया गया है.

गौरतलब है कि प्रत्येक दल में एक महिला चिकित्सक, एक पुरुष चिकित्सक, एक एएनएम और एक फार्मासिस्ट होंगे. इस प्रकार चार सदस्यों का यह दल गांवों में जाकर बच्चों का निःशुल्क परीक्षण करेगा. जिन बच्चों को इलाज की जरूरत होगी उनका निःशुल्क इलाज किया जाएगा.

आंगनवाड़ी और शासकीय शालाओं में पढ़ने वाले छत्तीसगढ़ के पचास लाख से अधिक बच्चों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है. प्रदेश भर के आंगनवाड़ी केन्द्रों और शासकीय विद्यालयों के शून्य से अट्ठारह वर्ष आयु तक के बच्चों में बीमारियों की जांच, शारीरिक विकास में कमी और विकलांगता से बचाने के लिए सम्पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार की सुविधा दी जाएगी.

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