छत्तीसगढ़ में शिशु मृत्युदर में कमी

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने दावा किया है कि प्रदेश में शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है. सरकार द्वारा पेश ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में शिशु मृत्यु दर 48 प्रति हजार दर्ज की गई है. 2010 में यह 51 दर्ज की गई थी.

अपर मुख्य सचिव वित्त डीएस मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यूनीसेफ के अधिकारियों द्वारा वर्ष 2012 के दौरान किए गए कार्यों की और वर्ष 2013 -14 में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी गई. बैठक में यूनीसेफ के कंट्री हेड जेम्स गिटाउ, राज्य प्रमुख असदुर् रहमान सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. बैठक में बताया गया कि यूनीसेफ राज्य शासन के साथ मिल कर राज्य में शिशु कुपोषण, शिशु एवं मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है और इसके सकारात्मक नतीजे भी सामने आ रहे हैं. डीएस मिश्रा ने आशा व्यक्त की कि राज्य शासन और यूनीसेफ के संयुक्त प्रयासों से कुछ क्षेत्रो में सहस्त्राब्दि लक्ष्यों को निर्धारित अवधि में प्राप्त किया जा सकेगा.


यूनीसेफ के अधिकारियों ने बताया कि कुपोषण को दूर करने के लिए राज्य शासन द्वारा शुरू की गई नवा जतन योजना के तहत यूनीसेफ ने गत वर्ष सलाहकारों के जरिए तकनीकी सहयोग दिया था. प्रदेश के 340 ग्राम पंचायतों में जहां कुपोषण की दर अधिक थी, वहां बेस लाइन सर्वेक्षण किया गया. वर्ष 2013 -14 में भी यूनीसेफ कुपोषण दूर करने के लिए सहयोग करेगा. गत वर्ष स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 40 पोषण् पुनर्वास केन्द्र कार्य कर रहे थे, इस वर्ष इन केन्द्रों की संख्या बढ़ाकर 75 की जा रही है. यूनीसेफ द्वारा इन केन्द्रों के स्टाफ को प्रशिक्षण और उपकरण आदि दिए गए थे.

बैठक में बताया गया कि यूनीसेफ द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य,टीकाकरण,मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी राज्य शासन को सहयोग दिया जा रहा है. यूनीसेफ द्वारा बच्चों की सुरक्षा के संबंध में में भी राज्य शासन को तकनीकी सहयोग दिया गया. यूनीसेफ ने चाइल्ड ट्रैफिकिंग के क्षेत्र में जशपुर जिले में महिला बाल विकास विभाग और स्वयंसेवी संगठनों की सहायता से सर्वेक्षण किया था. वर्ष 2013 -14 में इस संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. यूनीसेफ द्वारा जल स्वच्छता कार्यक्रम और संपूर्ण स्वच्छता अभियान में भी सहयोग किया जा रहा है. इस वर्ष की कार्य योजना में शिक्षा का अधिकार कानून के प्रचार प्रसार के लिए यूनीसेफ राज्य प्रकोष्ठ बनाना शामिल है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों मे इस दिशा में विशेष रूप से कार्य किया जाएगा. बैठक में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास सुब्रत साहू,सचिव स्कूल शिक्षा दिनेश श्रीवास्तव,सचिव आदिम जाति कल्याण मनोज पिंगुआ, प्रभात कुमार प्रोग्राम आफिसर यूनीसेफ, संचालक राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान रीना बाबा साहब कंगाले सहित पंचायत विभाग,स्वास्थ्य विभाग,महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.

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