पढ़ाई की उम्र में कमाई का बोझ

कांकेर | विशेष संवाददाता: छत्तीसगढ़ के आदिवासी बच्चे पढ़ाई के लिये स्कूल जाने की बजाये कमाई के लिये बाजार में बैठने को मजबूर है. घर के लियो रोजी-रोटी के जुगाड़ के वास्तविकता ने उन्हें मजबूर कर दिया है कि पहले पेट की आग बुझाई. इन तमाम कवायदों के बाद स्कूल जाना उनके लिये एक सपना बनकर रह गया है. जब तक इस वास्तविकता को नहीं समझा जायेगा तब तक स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाना इन आदिवासी क्षेत्रों में असंभव ही रहेगा. बच्चे स्कूलों में प्रवेश तो लेते हैं परन्तु वहां जा नहीं पाते हैं. कांकेर जिले में आदिवासी समुदाय आज भी शिक्षा से कोसों दूर है. इस वर्ग को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लाख दावे सरकार कर ले, पर हकीकत कुछ और है.

जिला मुख्यालय से करीब 25 किलो मीटर दूर अंतागढ़ ब्लॉक के पूसाघाटी गांव की स्कूली छात्रायें पढ़ाई छोड़ कर मशरूम बेच रहीं हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहीं हैं.


कविता और सुखबति ने बताया कि वे लोग कभी-कभार स्कूल भी जाते हैं, लेकिन अधिकतर समय वे रोजी-रोटी के लिए मशरूम इकट्ठा करने जंगल जातीं है. फिर बाद में उसे बेचने आमाबेड़ा मार्ग पर आतीं है.

बच्चों ने कहा कि घर में सब्जी व चावल नहीं है, मशरूम बेचकर चावल और सब्जी खरीदेंगे. गांव में सरकारी स्कूल तो है लेकिन वे पढ़ाई करने कभी-कभार ही स्कूल जा पाती हैं.

समझा जा सकता है कि जिनके बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हों, भला उनका जीवन स्तर कैसे सुधर सकता है. कहने को तो आदिवासियों के उत्थान के लिए कई योजनायें चलाई जा रही है, ताकि ये आत्मनिर्भर हो सकें.

लगता है पहाड़ और जंगल में रहकर कंदमूल खाने वाले इन आदिवासियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास केवल सरकारी दस्तावेजों में सिमट कर रह गया है.

इन बच्चों को देखकर आदिवासी इलाकों के स्कूलों की स्थिति की कल्पना की जा सकती है. यह कहना गलत नहीं होगा कि आज भी आदिवासी समुदाय का एक बड़ा तबका स्कूलों से दूर है.

शिक्षा व्यवस्था लचर
गांव में शिक्षा व्यवस्था काफी लचर है. पूसाघाटी गांव में स्कूल भी है और शिक्षक भी, वे पढ़ाने आते हैं लेकिन बच्चे नहीं आते. यही हाल आस पड़ोस के गांवों की है.

क्या कहते हैं आकड़ें-

छत्तीसगढ़ की जनसंख्या 2,55.45,198
छत्तीसगढ़ स्कूल जाने वालों की संख्या निम्नानुसार है:

5 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 5,63,788
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 1,56,379 (27%)
10 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 6,23.376
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 5,88,120 (94.34%)
17 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 4,73,687
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 2,76,767 (58.42%)
20-24 साल तक के लोगों की कुल संख्या- 23,89,947
इनमें से शिक्षण संस्थानों में जाने वालों की संख्या- 4,14,087 (17.32%).

उत्तर बस्तर कांकेर जिलें मे 5 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 15,509
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 4,257 (21.44%)
10 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 17,796
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 16,489 (92.65%)
17 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 13,661
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 8,181 (59.88%)
20-24 साल तक के लोगों की कुल संख्या- 72,327
इनमें से शिक्षण संस्थानों में जाने वालों की संख्या- 11,329 (15.66%).

बस्तर जिलें मे 5 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 34,439
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 10,195 (29.60%)
10 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 37,389
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 32,107 (85.87%)
17 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 23,613
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 11,067 (46.86%)
20-24 साल तक के लोगों की कुल संख्या- 1,33,562
इनमें से शिक्षण संस्थानों में जाने वालों की संख्या- 16,442 (12.31%)

नारायणपुर जिलें मे 5 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 3,747
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 568 (15.15%)
10 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 4,556
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 3,188 (69.97%)
17 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 2,391
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 1,068 (44.66%)
20-24 साल तक के लोगों की कुल संख्या- 12,454
इनमें से शिक्षण संस्थानों में जाने वालों की संख्या- 1575 (12.64%)

दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिलें मे 5 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 13,272
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 5,050 (38.05%)
10 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 16,863
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 10,827 (64.20%)
17 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 8,350
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 2,927 (35.05%)
20-24 साल तक के लोगों की कुल संख्या- 50,796
इनमें से शिक्षण संस्थानों में जाने वालों की संख्या- 5,281 (10.39%)

बीजापुर जिलें मे 5 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 7,133
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 1,021 (14.31%)
10 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 8,837
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 5,156 (58.34%)
17 साल तक के बच्चों की कुल संख्या- 3,751
इनमें से स्कूल जाने वालों की संख्या- 1,411 (37.61%)
20-24 साल तक के लोगों की कुल संख्या- 23,310
इनमें से शिक्षण संस्थानों में जाने वालों की संख्या- 2,341 (10.04%)

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