छत्तीसगढ़ में सीबीआई का शिकंजा

नई दिल्ली | एजेंसी: सीबीआई ने गुरुवार को रायपुर की कंपनी वंदना विद्युत लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर किया है. प्राथमिकी में कंपनियों के निदेशकों और प्रमोटरों को नामजद किया गया है.

गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 1993 से 2005 और 2006 से 2009 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन की चल रही जांच मामले में गुरुवार को रांची और रायपुर की दो नई कंपनियों के विरुद्ध दो नए मामले दर्ज किए.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की कंपनी वंदना विद्युत लिमिटेड पर सीबीआई ने आरोप लगाया है कि उसने फतेहपुर पूर्व कोयला ब्लॉक हासिल करने के लिए अपने नेटवर्थ का गलत प्रदर्शन किया.

अधिकारी ने कहा, “35वीं स्क्रीनिंग समिति के सदस्यों तथा अन्य को भी प्राथमिकी में नामजद किया गया है, क्योंकि उन्होंने दिशानिर्देश का पालन जानबूझ कर नहीं किया और वंदना विद्युत लिमिटेड की अनुचित तरीके से तरफदारी की.”

सीबीआई ने रांची और नई दिल्ली में तीन स्थानों पर छापे मारे. सीबीआई ने आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और आपराधिक दुराचार के आरोप में मामले कंपनियों पर मामले दर्ज किए.

सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि रांची की कंपनी डोमको स्मोकलेस फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड ने अज्ञात व्यक्तियों के साथ षड्यंत्र कर कैप्टिव कोयला ब्लॉक के लिए आवेदन करते वक्त गलत इरादे से झूठी सूचना जमा की और लालगढ़, उत्तरी कोयला ब्लॉक हासिल कर लिया.

इन दो मामलों के साथ ही कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सीबीआई ने अब तक 20 प्राथमिकी दर्ज की है और पांच प्राथमिक जांच पूरी की है.

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