नक्सली बता छात्रों की हत्या- भूपेश

रायपुर | संवाददाता: भूपेश बघेल ने कहा है कि बस्तर में निर्दोष लोगों को माओवादी बता कर उनकी हत्या कर रही है. राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बस्तर में दो छात्रों को नक्सली बता उनकी हत्या कर दी गई है. उन्होंने बुरगुम में हुये कथित मुठभेड़ में दो छात्रों की मौत को फर्जी एनकाउंटर करार दिया है.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मांग की है कि कथित एनकाउंटर में शामिल पुलिस कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाये, बस्तर के आईजीपी एसआरपी कल्लूरी को तत्काल बर्खास्त किया जाये तथा दोनों मृत बच्चों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाये.


गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने चार दिनों पहले बुरगुम में हुये कथित पुलिस मुठभेड़ की जांच के लिये एक समिति का गठन किया था. जिसके रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने गुरुवार को रायपुर के कांग्रेस भवन में संवाददाता सम्मेलन बुलाया था.

संवाददाताओं को संबोधित करते हुये छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा, “ दो निर्दोष नाबालिग आदिवासी छात्रों की पुलिस द्वारा की गई हत्या को नक्सली एनकाउंटर बताना इसका नया उदाहरण है.“

उन्होंने कहा कि “मारा गया बच्चा सोनकू राम कश्यप महज 16 साल का था जबकि दूसरा बच्चा बिजलू कश्यप लगभग 19-20 साल का था. बच्चों के परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने कहा कि दोनों बच्चों के माता पिता के पास इस बात से पर्याप्त सबूत हैं कि दोनों छात्र थे और नक्सली संगठनों से उनका दूर दूर तक कोई नाता नहीं था.”

||भूपेश बघेल ने कहा नक्सली बताये गये दोनों छात्र ग्राम गउदा के निवासी थे. पोयकू राम कश्यप का बेटा सोनकू पोटाकेबिन हितामेटा में अध्ययनरत था और नउगू कश्यप का बेटा बीजलू भी अनुत्तीर्ण छात्र था.||

भूपेश बघेल ने कहा कि सोनकू राम के घर पर बुखार से एक छह साल के बच्चे की मौत हो गई थी और ये दोनों बच्चे इसकी खबर रिश्तेदारों को देने के लिए गए थे. पैदल कई किलोमीटर चल कर जाने के कारण उन्हें देर हो गई और वे वहीं रुक गए. रिश्तेदारों की सूचना के अनुसार सुबह चार बजे के आसपास पुलिस दोनों को उठाकर ले गई. परिजनों ने इसका विरोध किया लेकिन पुलिस नहीं मानी और थोड़ी देर बाद उन्होंने गोली चलने की आवाज सुनी और फिर दोनों बच्चों की लाश मिली.

उन्होंने सवाल उठाया कि दो निहत्थे छात्रों को पुलिस को किन परिस्थितियों में गोली मारनी पड़ी इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिये जो सीबीआई ही कर सकती है. दूसरा यह कि जांच की निष्पक्षता के लिए जरूरी है कि आतंक का पर्याय बन चुके आईजीपी एसआरपी कल्लूरी को तत्काल बर्खास्त किया जाये.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि जानकारी मिल रही है कि इस फर्जी एनकाउंटर में पुलिस के अलावा आत्मसमर्पण करने वाले कुछ नक्सली भी थे. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर नक्सली हिंसा छोड़ने के लिए आत्मसमर्पण कर रहे हैं तो सरकार उनके हाथ में फिर से बंदूक थमाकर उन्हें फिर हिंसा में शामिल क्यों कर रही है. यह अपने आपमें जांच का विषय है कि कौन लोग हैं जो समर्पण कर रहे हैं और वे क्यों फिर से बंदूक थामने को तैयार हो रहे हैं?

भूपेश बघेल ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले को सबसे पहले कांग्रेस की विधायक श्रीमती देवती कर्मा ने उठाया था और वे उस स्थान तक भी गईं जहां बच्चों को मारा गया. वहां उन्होंने एक पांच राउंड गोली के खोखे भी देखें. इसके बाद बुधवार को कांग्रेस की जांच समिति भी सोनकु राम और बिजलू कश्यप के गांव भी गई और परिजनों से तथ्य एकत्रित किये.

उधर, दिल्ली रवाना होने से पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने माना विमानतल पर पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कथित मुठभेड़ की जांच के बाद ही यह प्रमाणित होगा कि मुठभेड़ सही है या गलत. पहले से कैसे फर्जी कहेंगे. हालांकि, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की सीबीआई जांच और आीजीपी बस्तर को बर्खास्त करने की मांग पर चुप्पी साध ली.

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