कांग्रेस के सभी विधायक देंगे इस्तीफा

रायपुर | संवाददाता: क्या छत्तीसगढ़ की सरकार को बर्खास्त किया जा सकता है? राजनीतिक गलियारे में यह सवाल अब तैर रहा है. राज्य में कांग्रेस विधायकों के सामूहिक इस्तीफे की पेशकश को इसी की एक रणनीति के तहत देखा जा रहा है. कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार एनआईए की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है, जिसमें यह तय है कि राज्य सरकार पर सुरक्षा में लापरवाही बरतने की बात सामने आएगी, जैसा कि राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी स्वीकार किया है. इस रिपोर्ट को आधार बना कर राज्य सरकार को धारा 355 और 356 लगा कर सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है.

गौरतलब है कि 25 मई को सुकमा जिले के दरभा घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश, कांग्रेस के आदिवासी नेता महेंद्र कर्मा और उदय मुदलियार की हत्या कर दी थी. इस घटना में 30 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके बाद से कांग्रेस राज्य सरकार को हटाने की मांग करती रही है.


वैसे भी राज्य में कांग्रेस अब राष्ट्रपति शासन की मांग पर अड़ी हुई है. कांग्रेस के विधायकों ने विधायक दल की बैठक में न केवल राज्य सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया, बल्कि विधायकों ने सामूहिक रुप से इस्तीफा देने की भी पेशकश की है. राजनीति को समझने वाले कह रहे हैं कि विधायकों की यह पेशकश असल में आलाकमान को भी संदेश देने की कोशिश है. राज्य के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रवींद्र चौबे का कहना है कि विधायकों के इस्तीफे की बात से आलाकमान को अवगत कराया जायेगा और उनकी राय से इस पर अमल किया जायेगा.

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