CRPF ने बचाई नक्सली की जान

गुड़गांव | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ में आरपीएफ के तीन कोबरा कमांडो ने रक्त दान कर एक नक्सली की जान बचाई. नक्सली छत्तीसगढ़ में अर्धसैनिक बलों के साथ मुठभेड़ में घायल हो गया था. सीआरपीएफ ने यहां गुरुवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों का काम लोगों की जिंदगी बचाना है और दुश्मनों की जान लेना उनके पास अंतिम विकल्प होता है.

कादरपुर में सीआरपीएफ अकदमी ने एक बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में तैनात सीआरपीएफ की कोबरा इकाई के जवानों ने कोरसेरमेत्ता, हिदमापारा तथा गोतपल्ली गांवों के आसपास के जंगलों में नक्सलियों के आने की खुफिया जानकारी के बाद एक अभियान शुरू किया था.

गोतपाल्ली गांव के निकट 18 जनवरी को नक्सलियों के एक समूह ने जवानों पर अचानक हमला बोल दिया.

दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में एक नक्सली मारा गया, जबकि एक नक्सली गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल नक्सली की पहचान इतापल्ली गांव के लिंगा सोढ़ी के रूप में हुई, जिसकी जांघ में गोली लगने से काफी रक्त बह गया.

कोबरा के जवानों ने उसे तत्काल सीआरपीएफ फील्ड अस्पताल में भर्ती कराया, जो मुठभेड़ स्थल से सात किलोमीटर की दूरी पर था.

बाद में उसे हेलीकॉप्टर से जगदलपुर अस्पताल पहुंचाया गया.

जब चिकित्सकों ने कहा कि नक्सली को खून की जरूरत है, तो तीन कमांडो- कांस्टेबल रतन मंजुलकर, प्रवींदर तथा यू.महबूब पीरा ने उसकी जान बचाने के लिए रक्त दान किया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *