छत्तीसगढ़: दूध से और बच्चे बीमार

रायपुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ में देवभोग के मीठे दूध से बच्चों के बीमार पड़ने का सिलसिला जारी है. बुधवार को सरगुजा के प्रेमनगर में देवभोग का मीटा दूध पीकर और 8 बच्चें बीमार पड़ गये हैं. इससे दो दिन पहले बीजापुर के आंगनवाड़ी मे यही दूध पीकर दो बच्चों की मौत हो गई थी.

उसके बाद भी मुख्यमंत्री अमृत योजना में इस दूध को पिलाया जा रहा है.


उधर, रायपुर दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष रसिक परमार का कहना है कि उनको दूध की अधिकृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है. श्री परमार का दावा है कि राज्य सरकार ने देवभोग ब्रांड के इस मीठे दूध के वितरण पर कोई बंदिश नहीं लगाई है.

नावापाराकला गांव के गंवटियापारा आंगनबाड़ी केंद्र में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बच्चों को पैकेटबंद दूध दिया गया था. दूध पीने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी- पतली दस्त होने लगी, तो आंगनबाड़ी केंद्र में हड़कंप मच गया. बच्चों के बीमार पड़ने की सूचना मिलते ही जिला परियोजना अधिकारी निशा मिश्रा, परियोजना अधिकारी सुनिता श्रीवास्तव भागे-भागे केन्द्र में पहुंचे.

उल्लेखनीय है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं को लागू करते समय पहले भी बच्चों के बीमार पड़ने के मामलें सामने आते रहें हैं. कुछ समय पहले कृमिनाशक दवा से बच्चों के बीमार पड़ने की खबरें आई थी. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में अक्सर ही मिड डे मील खानें के बाद बच्चों के बीमार पड़ने की घटनायें हो चुकी हैं. उनकी जांच के भी आदेश दिये गये परन्तु उसके बाद भी सिलसिला बदस्तूर जारी है.

पहले भी हुई थी गड़बड़ियां

कृमिनाशक दवा- इससे पहले भी कृमिनाशक दवा खाने से छत्तीसगढ़ के कई बच्चों की तबियत बिगड़ गई थी. उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी 2016 बुधवार के दिन राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस पर स्कूल के बच्चों को एलबेंडाजॉल की गोली सरकारी कार्यक्रम के तहत खिलाई गई थी. जिसके बाद छत्तीसगढ़ के करीब 30 तबियत बिगड़ गई थी.

मिड डे मील- 1) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सवा दो सौ किलोमीटर दूर कोरबा में 6 दिसंबर 2014 को हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था. मिड डे मील खाने से 29 बच्चे बीमार हो गये थे. बच्चों का कहना था कि उनके मिड डे मील में शराब मिली हुई थी. घटना कोरबा के कनकी गांव के प्राइमरी स्कूल जोगीपाली की है जहां खाना खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. घटना की जानकारी मिलते ही बीमार 29 बच्चों को आनन-फानन में जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया था.

2) छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में मिड डे मील खाने के बाद 14 अगस्त 2015 को 21 बच्चे बीमार हो गये थे. जांजगीर चांपा जिले के अधिकारियों ने बताया था कि जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत पेंड्री गांव की एक प्राइमरी स्कूल में मध्याह्न भोजन करने के बाद 21 बच्चे बीमार हो गये. बच्चों को भोजन में जो अचार परोसा गया था उसमें फफूंद लगा हुआ था. जिसे खाने के बाद बच्चे बीमार हुये. अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच के आदेश दे दिये गये हैं. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

3) छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मध्यान्ह भोजन खाने के बाद 13 मार्च 2016 को बच्चे बीमार पड़ गये थे. 26 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सरगुजा जिले की कलेक्टर रितु सैन ने बताया था कि इस स्कूल में दूसरी बार यह घटना हुई है जिसमें मध्यान्ह भोजन खाने के बाद बच्चे बीमार हुये हैं. घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच करने के लिये कहा गया है.

4) छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में 20 जुलाई 2013 की दोपहर भोजन खाकर लगभग 40 बच्चों की हालत बिगड़ गई थी. सभी बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इनमें से आठ बच्चों की हालत गंभीर थी.

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