छत्तीसगढ़: ऐसे कैसे बनेगा डिजिटल?

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के गांवों में 70.88 फीसदी घरों में कोई फोन नहीं है. इस तथ्य का खुलासा ग्रामीण भारत की ताजातरीन सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना-2011 से हुआ. कहने का तात्पर्य है कि छत्तीसगढ के गांवों के 70.88 फीसदी घरों में इंटरनेट उपलब्ध नहीं है. इसके बाद भी दावा किया जा रहा है कि देश के साथ छत्तीसगढ़ को भी डिजिटल बनाया जायेगा.

उल्लेखनीय है कि इंटरनेट पर उपलब्ध ज्यादातर सामग्री अंग्रेजी भाषा में है केवल कुछ सरकारी वेबसाइटों में हिन्दी सीमित रूप से उफलब्ध है. जबकि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में आज भी हिन्दी का बोलबाला है.


डिजिटल छत्तीसगढ़ बनाने के पहले देखना पड़ेगा कि छत्तीसगढ़ के कितनी फीसद आबादी कम्प्यूटर साक्षर है. जाहिर है कि बिना कम्प्यूटर साक्षरता के डिजिटल छत्तीसगढ़ की कल्पना नहीं की जा सकती है.

देश के गांवों में 27.93 फीसदी घरों में कोई भी फोन कनेक्शन नहीं है. जनगणना के मुताबिक, 2.72 फीसदी घरों में लैंडलाइन तथा मोबाइल फोन दोनों ही है. 68.35 फीसदी घरों में सिर्फ मोबाइल फोन कनेक्शन है, जबकि सिर्फ एक फीसदी घरों में सिर्फ लैंडलाइन फोन है.

चंडीगढ़ में 91.61 फीसदी घरों में सिर्फ मोबाइल फोन है. दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में 70.88 फीसदी घरों में कोई फोन नहीं है.

हिमाचल में 10.09 फीसदी घरों में लैंडलाइन और मोबाइल फोन दोनों हैं.

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