145 डेसीबल से अधिक के पटाखें प्रतिबंधित

रायपुर | संवाददाता: पटाखों से होने वाले वायु तथा ध्वनि प्रदूषण को रोकने निर्देश जारी किये गये हैं. छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों तथा पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है. जिसमें अधिकारियों को उच्च ध्वनि और वायु प्रदूषण उत्पन्न करने वाले पटाखों के उपयोग पर रोक लगाने को कहा गया है. अधिकारियों को उच्च ध्वनि उत्पन्न करने वाले ध्वनि यंत्रों पर भी रोक लगाने के निर्देश दिये गये हैं.

आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखे न फोड़े जाये. पटाखों को फोड़ने का समय सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित किया गया है.

अतिसंवेदनशील क्षेत्रों जैसे अस्पताल, शिक्षण संस्थायें, अदालत, धार्मिक संस्थाओं से कम से कम एक सौ मीटर दूरी तक पटाखे न फोड़े जाये.

कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी निर्देश दिये गये है कि सभी शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थीयों को ध्वनि और वायु प्रदूषण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाये और बच्चों को पटाखों के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाये. इसके लिए समय-समय पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाये और बच्चों को इनमें शामिल किया जाये.

अधिकारियों को दीपावली के पूर्व और दीपावली त्यौहार के दौरान ध्वनि एवं वायु प्रदूषण का मापन कराने, निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि प्रदूषण वाले पटाखों के उत्पादन और बिक्री को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिये गये है.

अधिकारियों को चार मीटर की दूरी तक 125 डेसीबल या 145 डेसीबल से अधिक शोर करने वाले पटाखों को प्रतिबंधित करने तथा लड़ियों से निर्मित पटाखों में भी ध्वनि की मानक सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है.

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