निमंत्रण पत्र में वर-वधू की जन्म तारीख

रायपुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ सरकार ने बाल विवाह या नाबालिग विवाह रोकने के लिए विवाह के निमंत्रण पत्र में वर-वधु की जन्म तारीख प्रकाशित करने का फरमान जारी कर दिया है. इसका पालन नहीं करने पर विवाह कराने वाले पंडित तथा विवाह भवन के भी संचालक को आरोपी बनाया जा सकता है.

देश के कई प्रदेशों में बाल विवाह या नाबालिग विवाह का चलन है. छत्तीसगढ़ में भी कम उम्र की लड़कियों तथा लड़कों का विवाह होना आम बात है. कई बार प्रशासन दखल देकर ऐसे विवाह को रोकता भी है. मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ की डॉ. रमन सिंह सरकार ने कम उम्र के विवाह को रोकने के लिए अब कड़ाई शुरू कर दी है.


महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेजे गए पत्र में बाल विवाह रोकने के कड़े नियम लागू करते हुए इसे पालन करने का निर्देश दिया है. जिसके तहत वर-वधू की जन्म तारीख को सार्वजनिक करने के लिए निमंत्रण पत्र में जन्मतिथि अंकित करना अनिवार्य कर दिया गया है.

महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देश में यह भी कहा गया है कि यदि विवाह में वर-वधू की वास्तविक उम्र छिपाई गई तो विवाह करानेवाला पंडित और विवाह भवन का संचालक भी आरोपी बनाया जाएगा. वैसे कम उम्र के लड़के-लड़कियों के विवाह में अभिभावकों को तो पहले ही आरोपी बनाया जाता था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!