रायपुर की चार सीटों पर दांव

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में इस बार रायपुर शहर की चारों सीटों पर लोगों की नज़र टिकी हुई है. शहर के तीन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है, मगर एक सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी ने अपनी जीत दर्ज की थी. भाजपा शहर की चारों सीटों पर कब्जा करने के लिए दम लगा रही है तो कांग्रेस जीत का आंकड़ा बढ़ाने की जुगत में लगी हुई है.

रायपुर दक्षिण में वर्तमान विधायक बृजमोहन अग्रवाल का मुकाबला राजधानी की तेज तर्रार महापौर किरणमयी नायक से हो रहा है. रायपुर दक्षिण का इलाका भाजपा का गढ़ माना जाता है जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी को सेंध लगाने की जिम्मेदारी दी गई है. भाजपा-कांग्रेस के दोनों प्रत्याशी और उनके समर्थक चुनाव प्रचार में जुट चुके हैं.

भाजपा प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल जगह-जगह कार्यकताओं की बैठक कर अलख जगाने की कोशिश कर रहे हैं, तो कांग्रेस प्रत्याशी किरणमयी नायक स्वंय कार्यकताओं के साथ घर-घर जाकर जनसंपर्क में जुटी हुई हैं.

कुछ इसी तरह का हाल रायपुर पश्चिम में भी नजर आ रहा है. वर्तमान विधायक और मंत्री राजेश मूणत के मुकाबले में कांग्रेस ने युवा नेता विकास उपाध्याय को मैदान में उतारा है. अपने व्यवहार को लेकर क्षेत्र की जनता के साथ पार्टी कार्यकताओं की नाराजगी राजेश पर भारी पड़ सकती है.

राजेश ने क्षेत्र में अपना प्रचार जोर-शोर से शुरू कर दिया है तो युवा प्रत्याशी विकास उपाध्याय भी अपनी फौज के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. रायपुर पश्चिम में कांग्रेसी पार्षदों की संख्या भी काफी है और युवाओं के बीच लोकप्रिय होने का फायदा उपाध्याय को मिल सकता है.

रायपुर ग्रामीण में भी इस बार मुकबला रोचक होने की आशा है. यहां के वर्तमान विधायक नंदकुमार उर्फ नंदे साहू के मुकाबले में कांग्रेस ने लोकप्रिय नेता सत्यनारायण शर्मा को मैदान में उतारा है. नंदकुमार साहू को जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है.

रायपुर ग्रामीण में होने वाले विभिन्न आंदोलन प्रदर्शन के जरिए अपनी सक्रियता दिखाने वाले सत्यनारायण शर्मा पर कांग्रेस ने पुन: विश्वास जताया है. नंदकुमार साहू और सत्यनारायण शर्मा पिछले चुनाव में आमने-सामने रह चुके हैं.

कांग्रेस के खाते में गई एक मात्र सीट रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप जुनेजा के सामने भाजपा ने चंद सुंदरानी को उतारा है. कुलदीप जुनेजा अपने सरल व्यक्तित्व और सहज उपलब्धता के कारण क्षेत्र की जनता के बीच लोकप्रिय माने जाते हैं. दूसरी ओर रायपुर उत्तर में सिंधी समाज की संख्या को देखते हुए भाजपा ने पुराने प्रत्याशी और प्रबल दावेदार सचिदानंद उपासने के बजाए सुंदरानी पर दांव आजमाया है.

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