कोरबा में शुरु हुई चुनावी दांव-पेंच

कोरबा | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में भले अभी महीनों बाकी हैं लेकिन कोरबा में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है. राजनीतिक पार्टियां जनाधार की तलाश में जुट गयी हैं. मिशन 2013 आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जिले में भी सियासी जंग छिड़ गयी है. एक तरफ भाजपा रमन सरकार के दो कार्यकाल के किये गये विकास कार्यों के दम पर सियासत की पिच पर सत्ता की हैट्रिक बनाने को बेताब है, वहीं कांग्रेस भाजपा शासन काल को घूस, भ्रष्टाचार व महंगाई का करार देकर परिवर्तन की मंशा से परिवर्तन यात्रा निकालकर राजनीति की बिसात पर अपनी चाल चल दी है.

कोरबा जिले के चारों विधानसभा क्षेत्र कटघोरा, कोरबा, पाली-तानाखार व रामपुर में तीन कांग्रेस व एक सीट भाजपा की झोली में है. इस लिहाज से जिले में भाजपा इस समीकरण को परिवर्तन कर चारों सीटों पर कब्जा करने का मन बना रही है. जबकि कांग्रेस वर्तमान के तीन सीटों के अलावा गृहमंत्री के रामपुर विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस का परचम लहराना चाहती है. इसके लिए चुनावी चेहरों पर सबकी निगाह टिकी हुई है.


पार्टी से बाहर जहां चुनाव जीतने की लड़ाई चल रही है वहीं पार्टी के भीतर भी टिकट को लेकर जोड़-तोड़ की राजनीति चल रही है. कोरबा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की तरफ से जिन चेहरों पर उम्मीद जतायी जा सकती है उनमें पूर्व महापौर लखनलाल देवांगन, महापौर जोगेश लांबा, भाजपा नेता गोपाल मोदी पहली पंक्ति में शामिल हैं. इसके अलावा पार्टी के अन्य पदाधिकारियों पर भी आलाकमान की निगाहें करम हो सकती है. वहीं कोरबा सीट के लिए कांग्रेस अपने विजयी प्रत्याशी को दोबारा मौका दे सकती है. इसी तरह कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के लिए भी भाजपाईयों की जोर आजमाइश रहेगी. भाजपा बोधराम कंवर के गढ़ में सेंध लगा सकती है.

कटघोरा विधानसभा सीट के लिए पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष बनवारीलाल अग्रवाल, नगर पालिका पालिका परिषद दीपका अध्यक्ष मनोज शर्मा और केदारनाथ अग्रवाल पर भाजपा दांव खेल सकती है. जबकि कटघोरा सीट के टिकट के लिए भाजपा की तरफ से और भी कई नाम सुर्खियों में हैं.

कटघोरा विधानसभा को लेकर कांग्रेस निश्चिंत नजर आ रही है. माना जा रहा है कि बोधराम कंवर को एक बार फिर इस सीट पर कब्जा करने का मौका मिलेगा. वहीं पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्र कांग्रेसी प्रत्याशी रामदयाल उइके का क्षेत्र है, जहां उनके पास एक मजबूत जनाधार है. यहां भी भाजपा को सीट कब्जा करने के लिए एड़ी चोटी एक करना पड़ेगा. भाजपा रामदयाल उइके के विरूद्घ किसे टिकट दे, इसी पशोपेश में है. पाली तानाखार में तीसरा मोर्चा भी लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहा है. भाजपा के लिए यहां चुनावी डगर आसान नहीं है. वहीं कांग्रेस भी तीसरे मोर्चे से सतर्क तो है ही, भाजपा को लेकर भी सावधान बनी हुई है.

गृहमंत्री ननकीराम कंवर के विधानसभा क्षेत्र रामपुर में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है. गृहमंत्री के कद्दावर प्रतिद्वंदी प्यारेलाल कंवर के निधन के बाद इस सीट पर कांग्रेस किसे मौका देगी, इसको लेकर अनुमान लगाते-लगाते लोग थक गये हैं. जबकि रामपुर विधानसभा क्षेत्र से गृहमंत्री श्री कंवर की धर्मपत्नी श्रीमती शकुंतला कंवर व पुत्र संदीप कंवर के नाम को लेकर भी चर्चा चलती रहती है.

सियासत के दांवपेच के बीच फिलहाल अभी परिवर्तन व विकास को लेकर लोगों के दरवाजों पर दस्तक दी जा रही है. पार्टी नेता खुद को जनता के सामने पेश कर अपने विकास व परिवर्तन की मंशा से रूबरू करा रहे हैं. विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा-कांग्रेस जोर लगा रही है. वहीं तीसरा मोर्चा भी लगातार छोटे-बड़े जन आंदोलन कर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है. अब देखना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कोरबा की जनता भाजपा के विकास पर मुहर लगाती है या फिर कांग्रेस के परिवर्तन बयार में परिवर्तन का एक नया पाठ जोड़ती है.

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