छत्तीसगढ़: फिर होगी 8वीं तक परीक्षा

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में 8वीं तक की परीक्षा फिर से होगी. इसके लिये छत्तीसगढ़ सरकार ने केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है. उल्लेखनीय है कि साल 2010 में शिक्षा का अधिकार लागू करने के बाद 14 वर्ष तक के बच्चों के लिये शिक्षा अनिवार्य करके परीक्षा लेना बंद करा दिया गया था.

इससे स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या तो जरूर बढ़ी परन्तु शिक्षा का स्तर गिर गया. पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान शुरू करने के अवसर पर कहा था कि परीक्षा नहीं होने से पढ़ाई का स्तर कमजोर होता जा रहा है.


छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के आंकड़ों को खंगाले तो पिछले सालों में आठवीं तक बगैर परीक्षा के पास होने वाले छात्र दसवीं में आकर फेल हो रहे हैं. ज्यादातर छात्र दसवीं में थर्ड डिविजन आ रहे हैं.

शिक्षा की गुणवत्ता के गिरते स्तर को देखते हुए गीता भुक्कल समिति ने आठवीं तक छात्रों को फेल न करने की नीति को समाप्त करने की सिफारिश की है. इसके अलावा 19 अगस्त को केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की बैठक में परीक्षा न कराने के मुद्दे पर सुझाव मांगे गए थे. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के अनुसार आठवीं तक बच्चों को फेल न करने की नीति का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, इससे उनमें सीखने की प्रवृत्ति घट रही है.

छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षामंत्री केदार कश्यप ने इस मुद्दे पर कहा है, “आठवीं तक परीक्षा नहीं होने के कारण माना जा रहा है कि इसका नकारात्मक असर भी हो रहा है. हमने केंद्र सरकार को चिट्ठी भेजकर सुझाव दिया है कि दोबारा परीक्षा प्रणाली शुरू की जाए.”

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