छत्तीसगढ़: चने का टेंडर निरस्त

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बीपीएल परिवारों के लिये खरीदा जाने वाले चने का टेंडर सरकार ने निरस्त कर दिया है. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि महंगी दर पर चना खरीदने की कोशिश हो रही है. जिससे सरकार को 101 करोड़ रुपयों की चपत लगने वाली थी. बीपीएल परिवारों को पांच रुपये किलो की दर से दिये जाने वाले चने की खरीदी के लिये नया टेंडर जारी किया जायेगा.

गौरतलब है कि 10 जून को जब चना खरीदी का टेंडर खोला गया तो सबसे कम कीमत की बोली 55.81 रुपयों की थी जो पिछले साल की तुलना में 20 रुपये ज्यादा थी. चना की खरीदी के लिए नेशनल कॉमोडिटी एण्ड डेरिवेटिव्ज एक्सचेंज की स्वीकृत दर 42.20 है.


कांग्रेस के मोहम्मद अकबर ने आरोप लगाया था कि नान के अधिकारियों ने दलहन लाइसेंस के बगैर टेंडर में शामिल होने की छूट दी है. वहीं जब प्रदेश के सभी जिलों में चना की सप्लाई करनी थी तो प्रदेश स्तर पर टेंडर क्यों किया गया? चना की सप्लाई के लिए एक करोड़ की ईएमडी, 5 करोड़ की बैंक गारंटी और 20 करोड़ का टर्नओवर की शर्त सिर्फ बड़े ठेकेदारों के भाग लेने के लिए रखी गई.

उधर, टेंडर निरस्त होने के बाद कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ सरकार को सलाह दी है कि वह चना की खरीदी किसानों और सहकारी समितियों के माध्यम से करे. छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रवक्ता राजेश बिस्सा ने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि अब भविष्य में खुली दर निर्धारित कर सहकारी समितियों व सीधे तौर पर किसानों से चना खरीदे, जिससे चहेतों को फायदा पहुंचने के बजाय राजकोष को फायदा पहुंचे. साथ ही किसानों की भी दशा में भी सुधार आयेगा.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नान द्वारा किये गए टेंडरों में ठेकेदारों ने शासन के संरक्षण में रिंग बनाकर मनमाने रेट डाले थे, जिसके कारण पांच लाख क्विंटल चना रायपुर डिविजन में 55.81 रुपए क्विंटल तथा बिलासपुर में 57.11 रुपए में खरीदे जाने की तैयारी कर ली थी, जो चना किसानों द्वारा खुले बाजार 38-40 रुपए में बेचा जाता है.

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