बस्तर में पुलिसिया आतंक पर नोटिस

बिलासपुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिसिया आतंक पर नोटिस जारी किया है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के गृह सचिव, जगदलपुर के पुलिस अधीक्षक तथा मारडूम थाना के प्रभारी को नोटिस जारी जवाब तलब किया है. बस्तर के मारडूम थाना के क्षेत्र के निवासियों ने पुलिस द्वारा झूठे मामलों में फंसाये जाने की धमकी के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है.

मारडूम वही इलाका है, जहां छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक के बाद एक कई मुठभेड़ में माओवादियों के मारे जाने का दावा किया है. हालांकि इन दावों पर सवाल उठते रहे हैं और पुलिस पर झूठे मुठभेड़ में सीधे-साधे आदिवासियों को मारने के आरोप लगे हैं. आम आदमी पार्टी की नेता सोनी सोरी ने मारडूम में हुये मुठभेड़ों को लेकर जब सवाल उठाये, उसके बाद ही उन पर केमिकल हमला किया गया था.


मारडूम थाना के सुलिंगा गांव के निवासी मोती मण्डावी, कच्छन कश्यप, फोरका मण्डावी ने थाना प्रभारी द्वारा पिछले कुछ समय से झूठे मामलों में फंसाये जाने का आरोप लगाया है. उन्होंने याचिका दायर कर कहा है कि पुलिस अचानक उनके घरों में घुस आती है तथा उनसे मारपीट करती है.

याचिकाकर्ताओँ का कहना है कि मारडूम थाना क्षेत्र में नक्सली बता फर्जी मुठभेड़ के मामले सामने आ चुके हैं. उन्हें डर है कि वे भी इसका शिकार हो सकते हैं. ग्रामीणों को डर है कि उन्हें भी फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है.

प्रकरण में सुनवाई के बाद जस्टिस गौतम भादुड़ी ने मामलें की गंभीरता को देखते हुये राज्य के गृह सचिव, जगदलपुर के पुलिस अधीक्षक तथा मार्डुंग थाना प्रभारी को नोटिस जारी किया है.

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