छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज रहे कुद्दूसी गिरफ़्तार

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज रहे इशरत मसरूर कुद्दूसी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है. जस्टिस कुद्दूसी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप के बाद से ही तलाशी हो रही थी और इनके खिलाफ सीबीआई ने आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया था. इस मामले में सीबीआई द्वारा बुधवार को दिल्ली, लखनऊ और ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कई जगहों पर छापामारी की गई थी.

छापेमारी के दौरान कुद्दूसी के दक्षिणी दिल्ली में ग्रेटर कैलाश स्थित घर समेत सभी जगहों से कुल 1.91 करोड़ रुपये बरामद किए थे. कुद्दूसी पर आरोप है कि उन्होंने न केवल प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को कानूनी मदद मुहैया कराई बल्कि सुप्रीम कोर्ट में भी मामले में मनमाना फैसला दिलाने का वादा किया था. इसके बाद गुरुवार को जस्टिस कुद्दूसी को भुवनेश्वर में गिरफ़्तार कर लिया गया. जस्टिस कुद्दूसी के अलावा चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है.


इन सभी लोगों पर आरोप है कि इन्होंने सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को एमबीबीएस कोर्स में स्टूडेंट्स को प्रवेश देने की छूट दी और इसके लिये रिश्वतखोरी की. जस्टिस कुद्दूसी ओडिशा हाईकोर्ट में भी जज रहे हैं.

सीबीआई ने जिन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें प्राइवेट मेडिकल कॉलेज का मालिक बी. पी. यादव और पलाश यादव के अलावा हवाला ऑपरेटर राम देव सारस्वत व एक दलाल विश्वनाथ अग्रवाल शामिल है.

गौरतलब है कि देश के 46 मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण की अपर्याप्त सुविधाओं का हवाला दे कर सुप्रीम कोर्ट ने प्रवेश पर एक से दो साल तक प्रवेश पर रोक लगा दी थी. इन कॉलेजों में प्रसाद इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज भी शामिल था. इसे कॉलेज के मालिक बी. पी. यादव और पलाश यादव ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इसके बाद से ही कुद्दूसी ने उन्हें कथित रुप से करोड़ों की रिश्वत ले कर मनमाने फैसले का आश्वासन दिया था.

26 मार्च 2010 से 17 जून 2012 तक छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के माननीय जज रहे इशरत मसरूर कुद्दूसी ने राज्य में रहते हुये कई महत्वपूर्ण फैसले सुनाये थे.

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