दाल की जमाखोरी में छत्तीसगढ़ नंबर दो

रायपुर | जेके कर: दाल की जमाखोरी में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे नंबर पर है. इसका खुलासा तब हुआ जब सरकार ने दालों के बढ़ते दामों के बाद गोदामों में छापेमारी शुरु की. इन छापों में छत्तीसगढ़ से 4525.192 मीट्रिक टन दालें बरामद हुई है. देश में सबसे ज्यादा दालें महाराष्ट्र से 23340 मीट्रिक टन बरामद हुये हैं.

सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि छत्तीसगढ़ में महज 52 छापेमारी का यह परिणाम है जबकि महाराष्ट्र में 276 स्थानों में छापेमारी करनी पड़ी. जाहिर है कि छत्तीसगढ़ के जमाखोर बड़ी संख्या में दालों की जमाखोरी करके उनके दाम बढ़ाने में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं.


देश के 10 राज्यों में की गई छापेमारी के फलस्वरूप 35288.908 मीट्रिक टन दाले बरामद की गई हैं जिसके लिये 2704 स्थानों पर छापेमारी की गई.

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय ने हाल ही में राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम में सुधार कर उन्हें दालों के भंडारण की सीमा तय करने का अधिकार दे दिया था. इसके तहत निर्यातकों और आयातकों, बड़ी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और बड़े विभागीय खुदरा विक्रेताओं के लिए दालों की भंडारण सीमा तय कर दी थी.

दाल के लिये की गई छापेमारी से जाहिर है कि छत्तीसगढ़ में आवश्यक वस्तुओं की जमकर जमाखोरी हो रही है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि खाद्य पदार्थो के दाम तमाम दावों के बाद भी बढ़ रहें हैं.

उल्लेखनीय है कि एक मीट्रिक टन का अर्थ होता है 1000 किलोग्राम. इस तरह से छत्तीसगढ़ में 45 लाख 25 हजार 192 किलोग्राम दालें जमाखोरी के द्वारा दबाई गई थी.( दरअसल, एक मीट्रिक टन, 1000 किलो या 10 क्विंटल से कुछ ज्यादा ही होता है.)

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