हॉकी स्टेडियम का नाम सरदार पटेल पर

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लौह पुरूष सरदार पटेल की 140 वीं जयंती के अवसर पर शनिवार सवेरे रायपुर में राष्ट्रीय एकता दौड़ का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजधानी रायपुर के शासकीय विज्ञान महाविद्यालीय परिसर स्थित अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का नामकरण लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर करने की घोषणा की.

राष्ट्रीय एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाकर डॉ. रमन सिंह स्वयं आम जनता के साथ दौड़ में शामिल हुए. उन्होंने समारोह में सबसे पहले सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलायी. बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों और छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ राष्ट्र की एकता, अखण्डता और सुरक्षा में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया. समारोह का आयोजन राज्य सरकार के खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा तेलीबांधा तालाब के सामने (मेरीन ड्राइव) में किया गया.


उल्लेखनीय है कि आज का दिन राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया गया. समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कहा कि देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और प्रथम गृह मंत्री सरदार पटेल की जयंती आज पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जा रही है. देशव्यापी आयोजन में छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी बढ़ चढ़कर उत्साह और गर्मजोशी के साथ राष्ट्रीय एकता दौड़ में हिस्सा लिया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता और किसानों के कल्याण के लिए किए गए लौह पुरूष सरदार पटेल के को देश कभी भुला नहीं सकता. उन्होंने कहा कि देश जब आजाद हुआ तो उस समय छह सौ के लगभग रियासतें थीं. ब्रिटिश भारत से अलग इनका अपना स्वतंत्र अस्तित्व था. अंग्रेज लोग ब्रिटिश भारत को तो भारतीयों को सौंप रहे थे लेकिन इन रियासतों को उनकी मर्जी पर छोड़ दिया. वे या तो स्वतंत्र देश के रूप में रह सकते हैं अथवा भारत अथवा पाकिस्तान में मिल सकते थे. अंग्रेजों के बहकावे में आकर ये छोटी-छोटी रियासतें अलग देश बनाने का मन बना चुके थे. हैदराबाद के निजाम, जूनागढ़ और भोपाल के नवाब जैसे कई रियासतों ने तो पाकिस्तान की करांची में अपना कार्यालय भी शुरू कर दिए थे. ऐसी हालात में श्री पटेल देश की एकता और अखण्डता को बचाने के लिए लौहपुरूष के रूप में पेश आए.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि लौह पुरूष सरदार पटेल ने अंग्रेजों की साजिश को कामयाब होने नहीं दिया. उन्होंने अपनी दूरदर्शिता और कठोर नीति की बदौलत सभी रियासतों को भारतीय गणराज्य में विलय का रास्ता प्रशस्त किया. देश के लिए कठिन दौर में उनके द्वारा हिम्मत और हौसला के साथ किए गए कार्यों के फलस्वरूप ही देश का वर्तमान स्वरूप उभरकर सामने आया और एक सशक्त और शक्तिशाली भारत देश में हम खुली सांसे ले रहे हैं.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय वल्लभाई पटेल के प्रति यह देश सदैव ऋणि रहेगा. युगों-युगों तक यह देश उन्हें याद करता रहेगा. भारत देश को और सशक्त तथा सामर्थ्यवान बनाने की जवाबदारी अब हमारे देश के युवाओं के कंधो पर है. उनके सपनों को युवा पीढ़ी साकार करके दिखाएगी.

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