छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसे हालात

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश अपना रौद्र रुप दिखा रही है. कई ज़िला मुख्यालयों का राजधानी और अपने ज़िले से संपर्क टूट गया है. इसी तरह कई ज़िलों में बारिश का पानी लोगों के घरों में घूस गया है. रेलवे ट्रैक पर पानी आने के कारण मुंबई हावड़ा मार्ग जहां देर शाम तक बाधित रहा, वहीं रायपुर-बिलासपुर के बीच भी कई स्थानों पर सड़क संपर्क टूटने की खबर है. राज्य के अलग-अलग इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं.

राज्य की छह पैसेंडर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि मुंबई-हावड़ा मार्ग पर चलने वाली कई एक्सप्रेस गाड़ियों का परिचालन रात में रोक दिया गया था. इसके कारण रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव समेत दूसरे स्टेशनों पर यात्री लगातार परेशान रहे.


आंकड़ों में देखें तो पिछले साल की तुलना में अब तक 3 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है.पिछले साल अभी तक 631 मिलीमीटर बारिश हुई थी. लेकिन इस बार अब तक 647 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है.माना जा रहा है कि जिस तरीके से बारिश हो रही है, हालात वही रहे तो सारे रिकार्ड टूट जाएंगे.

अकेले मंगलवार को राज्य भर में 49 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. बुधवार को भी राज्य में लगातार बारिश का अनुमान है.

धमतरी स्थित गंगरेल बांध के 14 में से 11 गेट खोले जाने के बाद से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे नदी में बाढ की स्थिति पैदा हो घई है.इसी तरह कोरबा के हसदेव नदी में पानी का स्तर बढ़ने के बाद हालात खराब हो रहे हैं. शाम तक बांगो नदी के सात गेट खोले जा चुके थे. बिलासपुर में अरपा नदी के दोनों हिस्सों में लंबे समय के बाद पानी आया है. शहर में कई इलाके कई-कई फुट पानी में डूब गये हैं.

अंबिकापुर में भी घुनघुट्टा बांध के पांच गेट खोल दिये गये हैं. शहर के भाथुपारा में नाले में बहने से एक बच्चे की मौत की खबर है, वहीं एक दीवार के ढहने से एक किशोरी की भी मौत की खबर है.

रायपुर के नवापारा में महानदी के बौराने के बाद लगभग एक सौ परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है.

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