अवैध शराब की बिक्री व गुंडई बढ़ी

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में अवैध शराब की बिक्री तथा गुंडई लगातार बढ़ रही है. पिछले 6 सालों में छत्तीसगढ़ में अवैध शराब की बिक्री लगातार बढ़ती ही जा रही है. यह नतीजा जब्त किये गये अवैध शराब की मात्रा तथा दर्ज प्रकरण से होती है. साल 2011-12 में अवैध शराब बिक्री के 119 मामले दर्ज किये गये थे. उसके बाद से 2012-13 में 98 मामले, 2013-14 में 70 मामले, 2014-15 में 145 मामले, 2015-16 में 265 मामले तथा इस साल जनवरी माह तक अवैध शराब बिक्री के 378 मामले दर्ज किये गये हैं.

ये वे मामले हैं जो आबकारी विभाग तथा पुलिस में दर्ज किये गये हैं. उन मामलों की संख्या इनसे कई गुना ज्यादा होगी जिसकी खबर पुलिस-प्रशासन को कानों-कान तक नहीं पहुंची होगी. यह जगजाहिर है कि शराब की अवैध बिक्री ‘बाहुबली’ ही करते हैं. सामान्य लोगों के लिये शराब की अवैध बिक्री करना किसी सपने से कम नहीं है.


जब कभी आम आदमी इसका विरोध करता है तो उसकी आवाज को कुचल दी जाती है. उदाहरण के तौर पर पिछले साल से कुछ मामले इस तरह से हैं-

* सितंबर 2016 में छत्तीसगढ़ के डभरा क्षेत्र में अवैध शराब का विरोध करने वाले को कथित रूप से गोली मार देने की धमकी दी गई गई है. शराब ठेकेदार के मैनेजर की धमकी का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हो चुका है. पुष्पेन्द्र जायसवाल ने थाना प्रभारी को शिकायत पत्र सौंपकर अपने तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की.

* सितंबर 2016 में छत्तीसगढ़ के कवर्धा में शराब माफिया के गुर्गो ने जयपाल ने राम अवतार के पूरे परिवार के साथ मारपीट तथा उन पर केरोसिन छिड़क दिया. केरोसिन छिड़कने के बाद वहां आग लगा दी गई. जिससे राम अवतार की पत्नी कौशल्या की साड़ी में आग लग गई. बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले जयपाल तथा राम अवतार के बीच शराब न बेचने को लेकर विवाद हुआ था. उस समय जयपाल ने राम अवतार को जान से मारने की धमकी दी थी.

* दिसंबर 2016 को बिलासपुर शहर में मंगला चौक पर ट्रैफिक सिपाही की जमकर पिटाई कर दी. सिपाही का कसूर केवल इतना था कि उसने बाइक में शराब की पेटी ले जा रहे पंडों को रोककर पूछताछ की थी.

* 14 मार्च 2017 को बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में अवैध शराब का विरोध करने पर फेगूराम माको को डंडे से इतना पीटा गया कि बाद में उसकी अस्पताल में मौत हो गई. पुलिस ने हत्या के आरोप में शराब ठेकेदार के 4 गुर्गे गिरफ्तार किया है.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में शराब माफियाओं का आतंक नया नहीं है. साल 2014 में शराब माफिया ने महासमुंद के निर्दलीय विधायक विमल चोपड़ा पर जानलेवा हमला कर दिया था. यह मामला छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठा था. जब विमल चोपड़ा ने अवैध शराब पकड़ने की कोशिश की तो उन्हें कुचलने का प्रयास किया गया था.

अब छत्तीसगढ़ में शासन निगम बनाकर शराब बेचने जा रही है. दावा किया जा रहा है कि इससे अवैध शराब के मामले तथा गुंडई कम होगी.

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