छत्तीसगढ़: जमाखोरी से बढ़ी महंगाई

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में अनाज की जमाखोरी के कारण उसके दाम बढ़ रहें हैं. रायपुर के थोक बाजार में 3300-3600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकने वाली एचएमटी चावल का दाम 3500-3800 रुपये हो गया है. इसी तरह से 4300-4800 का जवाफूल चावल 4500-5000 रुपये तथा 3600-3800 का कालीमोंच चावल का दाम 3800-4000 रुपये हो गया है. इस तरह से प्रतिकिलो चावल का दाम 2 रुपये बढ़ गया है जबकि पिछले करीब नौ माह से चावल के दाम स्थिर थे.

कारोबारी सूत्रों का कहना है कि मार्केट में इन दिनों ऐसी धारणा फैलाई जा रही है कि बाजार में आवक की काफी कमी आ गई है इसके चलते ही तेजी का रुख आ गया है. कुछ कारोबारी तो साफ कह रहे हैं कि अभी धान मिलों में धान की आवक काफी कमजोर हो गई है इसके चलते ही कीमतों में इजाफा हुआ है.


दूसरी तरफ, गेंहू के दाम भी बढ़ने लगे हैं. गेहूं की आवक कम होने के नाम पर इसका दाम भी बढ़ाया जा रहा है. गेहूं के दाम भी प्रति क्विंटल 200 रुपये बढ़ा दिये गये हैं जिससे प्रति किलो के दाम 2-3 रुपये बढ़ने वाले हैं. जाहिर है कि गेहूं के दाम बढ़ने से आटे का दाम भी बढ़ जायेगा.

मांग कम होने के बाद भी राहर दाल की कमजोर आवक के नाम पर उसमें तेजी बरकरार है. कीमतों में आई तेजी के चलते भले ही राहर दाल की मांग में कमी आ गई है, लेकिन चिल्लर मार्केट में यह अभी भी 150 रुपए किलो तक बिक रहा है. इसके साथ ही चना दाल 74 रुपए किलो तक बिका. कारोबारियों का कहना है कि गुजरात व महाराष्ट्र की आवक काफी कमजोर हो गई है. इसके चलते ही दाल की कीमतों में तेजी आई है. उल्लेखनीय है दाल के लिए तो छत्तीसगढ़ दूसरे राज्यों पर ही निर्भर है.

गौरतलब है कि कमजोर आवक के नाम पर प्याज के दाम बढ़ा दिये गये थे. अब दूसरे राज्यों से प्याज मंगाया जा रहा है जिससे उसके दाम थोड़ा बहुत कम हुआ है. खुदरा बाजार में प्याज 50-53 रुपये प्रति किलो बिक रहा है जबकि थोक बाजार में इसका दाम 4400-4500 रुपये प्रति क्विंटल है.

छत्तीसगढ़ में पहले से महंगे बिक रहे प्याज तथा दालों के बाद चावल-गें ंके दाम बढ़ना अशुभ संकेत है. पिछले दिनों छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य भर में प्याज के गोदामों में छापेमारी की थी. जिसके बाद से बाजार में उसकी आवक बढ़ी है.

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