पैसे के अभाव में बेइलाज घायल वृद्धा

जशपुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के जशपुर में पैसे के अभाव में एक 70 वर्षीय वृद्धा इलाज न होने के कारण घर में तड़प रही है. जशपुर के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम अंबाकछार में 12 दिनों पहले एक 70 वर्षीय वृद्धा बाइक ठोकर में घायल हो गई थी. उसे 108 वाहन से फरसाबहार सामुदायिक चिकित्सा केनद्र लाया गया था. जहां से उस वृद्धा को दायें पैर में फ्रैक्चर होने के कारण पत्थलगांव के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिये भेज दिया गया.

पत्थलगांव के अस्पताल में 10 दिनों के बाद वृद्धा के पैर की हड्डी को जोड़े बगैर घऱ भेज दिया गया. वृद्धा के लड़के सुकरू राम ने आरोप लगाया कि उनकी मां की जायें पैर की हड्डी जोड़ने के लिये उनसे अस्थि रोग विशेषज्ञ द्वारा तीन हजार रुपयों की मांग की जा रही थी. जिसे देने में उनका परिवार असमर्थ था. सुकरू का यह भी आरोप है कि उन्हें रुई तक बाहर से खरीदकर लानी पड़ती थी.

अस्थि रोग विशेषज्ञ ने इलाज शुरू किया लेकिन 10 दिनों तक अस्पताल में भर्ती कर महिला को वे 2 दिन पूर्व इसलिए अस्पताल से छुट्टी कर दी गई क्योंकि उनके पास इलाज कराने के लिए पैसे खत्म हो गए थे. सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पत्थलगांव से लौटकर वृद्धा दो दिनों से घर में दर्द से तड़प रही है. सुकरूराम ने बताया की उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं है ऐसे में डाक्टर ने उसकी माँ को अस्पताल से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

ग्राम अंबाकछार के सरपंच गणेश साय ने बताया कि वृद्धा को प्रतिमाह 300 रुपये वृद्धावस्था पेंशन मिलता है. पूर्व में पंचायत से गरीबी रेखा के तहत इन्हे 35 किलो चावल दिए जा रहे थे लेकिन सरकारी गडबडियों के चलते इस बार राशन कार्ड से इसका नाम हटा दिया गया . महिला के दो बेटे हैं जो गाँव में दूसरों के खेत में मजदूरी करके किसी तरह अपनी जिंदगी बसर कर रहे हैं.

इस मामले में जशपुर से सीएमओ बीबी बोर्डे का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों के पर्याप्त स्टाक इसलिए रखे जाते हैं ताकि किसी गरीब को बाजार से दवाइयों की खरीदी न करना पड़े. पैसे के अभाव में 70 साल की वृद्धा को अस्पताल से छुट्टी किए जाने के संबंध उन्होंने कहा की इस संबंध में संबंधित डाक्टर से पूछताछ की जाएगी.

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