मानव तस्करी का जवाब आत्म निर्भरता

जशपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जशपुर में महिलाओं की मानव तस्करी रोकने के लिये उन्हें आत्म निर्भर बनाया जा रहा है. इसके लिये उन्हें न केवल सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है बल्कि उन्हें स्कूल के गणवेश सिलाई करने का काम भी दिया जा रहाहै.

गरीबी का दंश झेल रही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार मुहैया कराने के साथ ही जिले में फैले मानव तस्करी के जाल को रोकने के लिए जिले के सभी ब्लॉक के 800 से अधिक महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया है.

महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिला कार्यालय स्थित सिलाई सेंटर में वर्तमान में कार्यरत 35 महिलाओं को पहले 3 दिवसीय ट्रेनिंग दिलाई गई और ट्रेनिंग के पश्चात उसी संस्थान में रोजगार भी दिया गया है.

जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रवेस सिंह सिसोदिया ने बताया कि जिले में मानव तस्करी को रोकने के लिए रोजगार श्रृजन जरूरी है. इसी जरूरत को महसूस करते हुए हाईटेक सिलाई सेंटर की स्थापना कर सबसे पहले जरूरत मंद गरीब महिलाओं को शर्ट, पैंट और ट्यूनिक की सिलाई का प्रषिक्षण दिलाया गया और प्रषिक्षण प्राप्त करने के बाद सिलाई सेंटर में ही उन्हें रोजगार भी दिया जा रहा है.

गौरतलब है कि जशपुर सिलाई सेंटर की 35 महिलाओं के समूह ने महज 45 दिनों में 1 लाख 70 हजार रुपए मूल्य के स्कूल ड्रेस की सिलाई की. जिसमें से 5 हजार नग शर्ट, 1 हजार 970 नग पैंट और 3 हजार 434 नग ट्यूनिक तैयार किए.

उन्होंने कहा कि लगभग 1 लाख 70 हजार की कुल रकम में से 82 हजार रुपए का शुद्ध लाभ 35 महिलाओं ने कमाया. महिलाओं के द्वारा कमाए गए 82 हजार रुपए सभी 35 महिलाओं में प्रत्येक को 2 हजार 333 के हिसाब से दिया जाएगा.

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