छात्रावास में ‘बलात्कारी बाबा’

जशपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जशपुर के बगीचा विकासखंड के पत्ताकेला गांव के आदिवासी छात्रावास में अधीक्षिका के भतीजे द्वारा छात्रा से रेप की कोशिश का मामला सामने आया है. करीब एक हफ्ते पहले आदिवासी छात्रावास के अधीक्षिका का भतीजा सुमेन्द्र उर्फ पिंटू ने एक छात्रा को कमने में बेद करके उसके सारे कपड़े उतरवा लिये. इससे पहले की वह छात्रा के साथ रेप करता एक चौकीदार वहां पर पहुंच गया तथा उसने आदिवासी छात्रा की इज्जत बचाई. बताया जा रहा है कि इससे पहले भी आदिवासी छात्रावास के इसी भतीजे ने एक और लड़की के साथ ऐसा ही किया था परन्तु किसी कार्यवाही के अभाव में उसकी हिम्मत बढ़ती गई.

अधीक्षिका के भतीजे की इस हरकत से छात्रा डर गई तथा वह अपने घर आ गई. घर में उसने छात्रावास जाने से इंकार कर दिया. जब घरवालों ने पूछताछ की तो मामला सामने आया. ग्राम पंचायत गुरम्हाकोना के लोगों ने ग्राम सभा में इस मुद्दे को रखा जिसमें ग्रामीणों के द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात की गई. परतु लोक लाज के भय से कोई भी आगे नहीं आया और मामला पंचायत में ही रफा-दफा कर दिया गया.

हालांकि पुलिस ने दैहिक शोषण मामले में अधीक्षिका के भतीजे सुमेन्द्र उर्फ पिंटू के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर लिया हैं. पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है. अब तक आदिवासी छात्रावास के अधीक्षिका पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है.

उल्लेखनीय है कि ग्राम पत्ताकेला के इस आश्रम से ही लगभग दस वर्ष पहले एक बड़े अधिकारी के द्वारा दैहिक शोषण का मामला सामने आया था. इस संवेदनशील मामले में पीड़ित परिवार के द्वारा लोक लाज के भय से अब तक पुलिस के पास मामले की शिकायत नहीं की गई है वहीं बड़े अधिकारी जांच के बाद कार्रवाई की बात कर रहे हैं.

ग्राम पंचायत कुटमा के सरपंच कमलकिशोर राम व उप सरपपंच ने बताया कि उन्होंने पीड़िता से जाकर पूछताछ की जिसमें उन्हें बताया कि दूसरी बार अधीक्षिका के भतीजे के द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया गया है. कोरवा आश्रम में पदस्थ अधीक्षिका के संरक्षण से ही इस प्रकार की घटनांए होती हैं . सरपंच व उपसरपंच ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

बगीचा के एसडीएम पी पटेल ने कहा है, ‘बेहद संवेदनशील मामला है. मामले में जांच त्वरित जांच कराई जाएगी जिसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी.’ वहीं, बीईओ आईडी खलखो ने कहा कि, ‘इस विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं हैं, उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.’

दो दिनों पहले भई छत्तीसगढञ की न्यायधानी बिलासपुर के मस्तूरी के छात्रावास में अधीक्षिका के द्वारा लड़कियों को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया था. जिसमें अधीक्षिका की धमकी के बाद सभी लड़किया अपने घर लली गई थी. बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद लड़किया वापस लौटी.

उल्लेखनीय है कि साल 2013 में बहुचर्चित झलियामारी कांड में कांकेर ज़िले के एक आदिवासी छात्रावास में 11 आदिवासी बच्चियों के साथ महीनों तक बलात्कार का मामला सामने आया था.

इसी तरह से छत्तीसगढ़ में जशपुरनगर के गुतरिया के संयुक्त आश्रम छात्रावास की अधीक्षिका के पति ने पांचवीं की बच्ची के साथ 2013 में रेप किया था. बच्ची पहाड़ी कोरवा जनजाति वर्ग की है.

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