छत्तीसगढ़ में विकास की आड़ में लूट

रायपुर | संवाददाता: अजीत जोगी ने कहा है छत्तीसगढ़ में विकास के नाम पर लूट-खसोट चल रही है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस नेता अजीत जोगी ने राज्य की भाजपा सरकार पर भ्रष्ट्राचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ में हुये कथित नान घोटाला, सहकारी बैंक घोटाला का उल्लेख करते हुये छत्तीसगढ़ सरकार के जीरो टालरेंस पर तंज कसा. पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने प्रदेश में भाजपा की सरकार को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में हो रहे घोटालों एवं भारी भरकम भ्रष्टाचार को रोकने में पूर्णतः असफल बताते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार और उनके भ्रष्ट मंत्री भ्रष्टाचार को प्रश्रय दे रहे हैं. अपनी ही अन्वेषण एजेंसियों के माध्यम से भ्रष्टाचार का खुलासा षडयंत्रपूर्वक कर रहे हैं तथा अपनी पीठ स्वतः थपथपा रहे हैं, जबकि प्रदेश की जनता यह भली भांति जानती है कि इन भ्रष्टाचारों में राज्य शासन के बड़े अधिकारी और मंत्री पूर्ण रूप से संलग्न हैं. इन भ्रष्टाचारों में बड़े अधिकारियों से पूछताछ न कर उन्हें सुरक्षित कर रही है.

अजीत जोगी ने तंज कसते हुये कहा कि प्रदेश के मुखिया जीरो टालरेंस की बात करते हैं, ठीक इसके विपरीत आये दिन नये-नये भ्रष्टाचार उजागर हो रहे हैं. वर्तमान में सहकारी बैंक में 500 करोड़ से अधिक का घोटाला, जो कि भाजपा सरकार के अधिकारियों के द्वारा सांठ गांठ कर किया गया है, उन अधिकारियों पर भी सरकार कार्यवाही में विलंब कर साक्ष्यों को नष्ट करने का अवसर दे रही है. दूसरी तरफ नान घोटाले में सम्मिलित बड़े अधिकारियों एवं डायरी में आये नामों पर तत्परतापूर्वक कार्यवाही न कर मात्र कार्यवाही के नाम पर दिखावा करते हैं.


अजीत जोगी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मन की बात रेडियों पर कर रहे हैं. यदि वे छत्तीसगढ़ की जनता की मन की बात और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की मन की बात को जानना और समझना चाहते हैं तो विकास के नाम पर छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार और उनके अधिकारियों द्वारा जिस प्रकार से लूट-खसोट की जा रही है, उसे भी अपने मन में जगह देकर उन बातों को भी जनता के सामने रखें. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास के स्थान पर छत्तीसगढ़ का दोहन कर लूट-खसोट, छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा का किया जा रहा है.

दूसरी तरफ भ्रामक जानकारियों के आधार पर माननीय प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों का बखान कर रहे हैं, जबकि विकास के नाम पर छत्तीसगढ़ का विनाश हो रहा है. सरकार खनिज एवं प्राकृतिक संपदा से भरपूर राज्य में कर्जे लेकर प्रदेश की योजनाओं को चलाने को आतुर है एवं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को 12,000/- रूपये का कर्जदार बनाने वाली है. कर्जदार होने के बावजूद कागजी घोषणा कर प्रदेश की जी.डी.पी. को बढ़ना बताया जा रहा है, जो हास्यास्पद है.

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