किसानी के लिये किसान की खुदकुशी

कोण्डागांव | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के एक और किसान ने किसानी के कारण आत्महत्या कर ली है. कोण्डागांव के किसान मानसिंह पोयम को वनभूमि अधिकार प्रपत्र न देकर प्रताड़ित किया जा रहा था. जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली. इसकी जानकारी उसके पुत्र राजू पोयाम ने प्रेस को दी.

बताया जा रहा है कि मानसिंह पोयाम अन्य आदिवासियों के साथ मिलकर कोण्डागांव से 10 किलोमीटर दूर बनियागांव के समीप के दाबड़ीबेड़ा के जंगल में वनभूमि पर साल 1993 से खेता-बाड़ी करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था.

मृतक किसान मानसिंह के पुत्र राजू ने कहा कि साल 2008 में शासन द्वारा वनभूमि पर काबिज किसानों को वनभूमि अधिकार प्रपत्र देने की घोषणा किए जाने के बाद उनके पिता एवं आदिवासी समाज के अन्य किसानों के द्वारा भी वनभूमि अधिकार प्रपत्र दिए जाने हेतु आवेदन वन अधिकार समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया. राजू पोयाम ने आगे कहा कि उनके पिता को पात्र होने के बावजूद वनाधिकार प्रपत्र नहीं देकर प्रताड़ित किया जा रहा था.

राजू ने आरोप लगाया कि वनविभाग के अधिकारी उनके पिता को प्रताड़ित कर रहे थे जिससे तंग आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली.

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