बिना सल्तनत के शाही इमाम: धर्मेंद्र महाराज

कोरबा | अब्दुल असलम: छत्तीसगढ़ के प्रवास पर पहुंचे आचार्य धर्मेन्द्र जी ने कहा कि जब सल्तनत रही नहीं तो काहे का शाशी इमाम. छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगरी कोरबा प्रवास पर पहुचे आचार्य स्वामी श्री धर्मेंद्र महाराज ने उद्योगपतियों के पत्नियों के जन्म दिन मनाने की होड में 1 अरब रुपये खर्च करने की बजायें गरीबों को साडी, कंबल और एक घर देने की सलाह दी हैं.

गंगा की सफाई के सवाल पर आचार्य स्वामी श्री धर्मेंद्र महाराज ने कहा कि गंगोत्री से प्रदुषण शुरु हो जाता हैं. बडे-बडे संतो के आश्रम से मल-मूत्र गंगा में प्रवाहित होते हैं. वही संत लोग रात में गंगा की आरती का तमाशा करते हैं.

आचार्य धर्मेंद्र ने दिल्ली के शाही इमाम को आड़े हाथों लेते हुये कहा की कौन सा शाही इमाम, न राजे रहे न सल्तनत, तो काहे का शाही इमाम, अब तो अवामी इमाम होना चाहिये. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के प्रधान मंत्री को भारत आने का निमंत्रण देने वाले शाही इमाम तो साफ-साफ देशदोही हैं.

आचार्य स्वामी श्री धर्मेंद्र महाराज ने भारतीय मुद्रा में गांधी जी की तस्वीर पर कहा की गांधी जी मुद्रा मे छपते-छपते थक गये हैं. उन्होंने कहा 65 साल हो चुका हैं अब उन्हे रिटायर्ड कर देना चाहिये उनकी जगह भारत की आजादी के महा नायकों की तस्वीर लगाना चाहिये.

पाकिस्तान में मलाला ने जो रोशनी दिखाई है उसकी तारिफ करते हुये कहा की उसे नोबल पुरस्कार बिल्कुल मिलना चाहिये.

आचार्य स्वामी श्री धर्मेंद्र महाराज ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल गुजरात के आदमी नहीं, इसलिये सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को सरदार सरोवर में न लगाकर श्री नगर के डल झील में उनकी प्रतिमा स्थापित करना चाहिये.

आचार्य स्वामी श्री धर्मेंद्र महाराज ने मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी को मंत्री बनाये जाने पर सवाल खड़ा करते हुये कहा कि ह्यूमेन रेसोर्स क्या होता हैं. ऐसी महिला को शिक्षा मंत्री बनाया गया जो चुनाव हार चुकी हैं. उनको शिक्षा के बारे मे क्या आता जाता हैं उनकी जगह शिक्षा के विद्वान मुरलीमनोहर जोशी को मंत्री बनाना चाहिये.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *