छत्तीसगढ़: नशे के खिलाफ हरियाली गैंग

कोरबा | अब्दुल असलम: छत्तीसगढ़ के एक गांव में महिलाओं की हरियाली गैंग नशे के खिलाफ एकजुट हो गई हैं. आपने गैगवार के साथ ही कई गैंग का नाम और उनके किस्से सूने होगें, लेकिन क्या आपने किसी ऐसे गैग का नाम सूना हैं जो ना केवल अपने गांव बल्कि पूरे सूबे के लिए मिसाल बनकर सामने आ रही हैं. जी हां, कोरबा जिले के ग्राम कोई में महिलाओं का एक ऐसा ही गैंग हैं जिसका नाम हैं हरियाली गैंग. इस हरियाली गैंग का नाम सुनते ही जहां शराबियों के माथे पर पसीना आ जाता हैं, वही हरियाली गैंग के विशेष पहल से आज गांव के हर घर में हरियाली फैली हुई हैं.

छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगर कोरबा जिला मुख्यालय से महज 25 किमोमीटर की दूरी पर करतला विकास खंड में ग्राम कोई स्थित हैं. बताया जाता हैं कि एक समय था जब इस गांव के हर घर में शराब बना करती थी और घर के पुरूष और बच्चे शराब के नशे में डूबे रहते थे. लिहाजा इस गांव की पहचान शराब के गढ़ के रुप में भी हो चूकी थी. अब इस गांव की तस्वीरे कुछ और ही बयां करती है. गांव की दीवारों पर हरी सब्जियों के नाम पर शिक्षा से जोडती स्लोगन लिखे हैं और इन सबके पीछे इस हरियाली गैंग का होना बताया जाता हैं.

हरे रंग की साडी में मर्दों की तरह कंधो पर फावडे और गैती लेकर काम पर जाती ये महिलाएं हरियाली गैंग से ताल्लुक रखती हैं. जो कि नशा विरोधी होने के साथ प्रकृति भी प्रेमी है. कहते हैं इस गांव में जब शराबखोरी चरम पर थी, तब इस सामाजिक बुराई से निजाद पाने और गांव के विकास के लिए गांव की महिलाओं ने घर की दहलीज से कदम बाहर निकाले और गांव में महिला समिति बनाकर हरियाली गैग का गठन किया था.

गांव में आज भी हरियाली गैंग की महिलांए गश्त करती हैं और गश्त के दौरान अगर कोई व्यक्ति शराब बनाते या पीते पकडा जाता हैं तो उस पर जुर्माने की गाज गिराई जाती हैं. बस यहीं वजह हैं कि गांव में हरियाली गैंग का आज इतना खौफ हैं कि गांव का कोई शराब बनाने की न सोचता हैं और ना ही शराब पीने की. हरियाली गैंग के गठन के बाद से समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रहीं हैं. वही दूसरी तरफ गांव के पुरुषों में आज भी इस बात का खौफ हैं कि यदि वे शराब पीते हैं तो उन पर हरियाली गैंग की गाज गिर जायेगी और गैंग की चली तो उन्हे गांव से बाहर भी निकाल दिया जायेगा. लिहाजा इस खौफ से गांव के पुरुषो ने शराब से तौबा कर लिया है.

ग्राम कोई की इस हरियाली गैंग की आज हर जगह चर्चा हैं, नशा -विरोधी और हरियाली प्रेम को लेकर गांव की महिलाओ को जागरुक करने नाबार्ड बाडी विकास कार्यक्रम की भी अहम भूमिका है. अधिकारियों ने गांव को नशामुक्त बनाने के लिये महिलाओं को जागरुक कर पहले उन्हे आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया.

खैर, वजह कोई भी हो लेकिन कोरबा जिले के ग्राम कोई में महिलाओं की हरियाली गैंग की नशा मुक्ति और हरयाली को लेकर जो अलख जगाई हैं, वो दूसरो के लिये मिसाल हैं.

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