छत्तीसगढ़: ‘राख नहीं नौकरी चाहिये’

कोरबा | अब्दुल असलम: छत्तीसगढ़ में बालको से राख नहीं नौकरी चाहिये की मांग पर मोर्चा खोल दिया गया है. यह मोरचा बालको के स्थानीय बेरोजगारों ने खोला है. बुधवार को स्थानीय बेरोजगारों ने बालको संयंत्र के भीतर जाने वाले गेट को बंद कर न तो कर्मियों को बाहर आने दिया न ही डूयुटी जाने वाले कर्मियों को भीतर प्रवेश करने दिया. इस दौरान प्रदर्शन कर रहे स्थानीय बेरोजगारों ने ऐलान किया कि जब तक नौकरी नहीं दी जाती उनका आंदोलन निरंतर जारी रहेगा.

पहले विरोध किया नारे लगाये, फिर गेट जाम किया और उसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो सड़क पर ही लेट गए! ये तस्वीरें किसी राजनैतिक आंदोलन की नहीं बल्कि अपने हक की दुहाई दे संघर्षरत उन मुफ़लिस परिवारों की लड़ाई की है जो पेट की आग बुझाने सिर्फ और सिर्फ रोजगार की आस लिये बैठा है लेकिन इनकी आस को पूरा करने के बजाए केवल और केवल आश्रवासनों का झुनझुना थमाया जा रहा है.


बालकोनगर के स्थानीय रहवासी भी अब किसी भी हाल में बेरोजगार नहीं रहने की ठान लिये हैं. यही कारण है कि दो दिन पहले तक धरने में बैठ अब ये लोग अपने आंदोलन को हर रोज एक नई दिशा देते जा रहे है. बुधवार की सुबह बालको के गेट पर परसाभाठा के रहवासियों ने अघोषित जाम कर दिया. लोग गेट को जाम कर इस कदर बैठ गए कि अंदर का आदमी अंदर ही रहा और बाहर से अंदर जाने का कोई रास्ता न बचा. घंटो तक गेट के बीचों बीच बैठे लोगो ने न तो बालको से नौकरी कर निकल रहे कर्मियों को बाहर जाने दिया न ही दूसरी शिफ्ट वालों को अंदर जाने दिया.

लोगो के विरोध के बुलंद होते विरोध के सुर को देखते मौके पर स्थानीय पुलिस भी तैनात कर दी गई थी पुलिस ने जब जोर दिखा व्यवस्था बहाल करनी चाही तो स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में हंगामा कर रहे लोग ज़मीन पर लेट गए. हंगामा कर रहे लोगो के मुंह में सिर्फ एक ही बात निकल रही थी स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी दो, बाहरी भर्ती बंद करो..स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में चल रहे आंदोलनकारियों ने रोजगार का जो मुद्दा उठाया उस पर वो डटे हुए है. सब एक ही बात कह रहे है बालको की राख हम खाये और नौकरी बाहरी करें. पार्षद ने बाहर से आकर नौकरी कर रहे लोगो के पुलिस वेरिफिकेशन और चरित्र प्रमाणपत्र की भी मांग की है ताकि नौकरी कर रहे बाहरी लोगो का आचरण पता चल सके.

आंदोलन के दौरान वार्ड पार्षद ने संकेत दिये है कि रोजगार की मांग को लेकर स्थानीय बेरोजगारों के द्वारा किया जा रहा आंदोलन आगे भी निरंतर जारी रहेगा. वहीं स्थानीय रहवासियों ने भी नौकरी के लिए अनिश्तिकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है. ऐसे में देखने वाली बात होगी कि बालको प्रबंधन इन बेरोजगारों को नौकरी देता है या फिर इनका आंदोलन इसी तरह चलता रहेगा.

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