कोरबा: ठंड में चढ़ा चुनावी पारा

कोरबा | अब्दुल असलम: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शीतलहर के कहर के बीच निगम चुनाव का पारा चढ़ा हुआ है. बेशक, ठंड से लोग कपकपाने लगे है और तापमान का पारा लगातार नीचे गिर रहा है. लेकिन इसके विपरीत ठंड में चुनावी प्रचार का पारा चढ़ता ही जा रहा है. प्रत्याशी सुबह से लेकर देर रात तक जनसंपर्क में जुटे हुए है. महापौर प्रत्याशी से लेकर पार्षद प्रत्याशी जी-जान से शहरी सत्ता व वार्ड की लड़ाई जीतने जोर लगा रहे है.

नगर निगम के वार्डों में इन दिनों प्रचार वाहन घूम-घूमकर प्रत्याशी का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. प्रत्याशी स्वयं लोगों के घर-घर पहुंचकर अपने पक्ष में वोटों की अपील कर रहे हैं. सुबह से लेकर रात तक यह सिलसिला चल रहा है. सुबह जहां ठंड के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित है, वहीं प्रत्याशी व उनके समर्थकों को ठंड भी डिगा नहीं पा रहा है. सुबह से ही प्रचार-प्रसार में प्रत्याशी जुट रहे है. उनके समर्थक भी पूरे जोश के साथ चुनावी प्रचार का पारा गर्म कर रहे हैं. भाजपा-कांग्रेस जैसी राजनीतिक पार्टी के अलावा निर्दलीय भी प्रचार-प्रसार में कोई कोताही नहीं बरत रहे है.

नगरीय निकाय चुनाव विधानसभा व लोकसभा चुनाव से अलग होता है. प्रत्याशी को मतदाता भली-भांति जानता व पहचानता है. जिसके कारण वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों की भी जीतने की संभावना बनी रहती है. इस बार भी निर्दलीय भाजपा-कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ रहे है. वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के चुनावी प्रचार के अलावा निर्दलियों का भी प्रचार का चुनावी जोर देखने को मिल रहा है.

नियमों की हो रही अनदेखी
चुनाव प्रचार के लिए शासकीय संपत्ति का उपयोग प्रतिबंधित है. प्रचार के लिए शासकीय संपत्ति का उपयोग करने वालों पर निर्वाचन आयोग कार्रवाई कर सकती है. इसके बावजूद प्रचार के लिए शासकीय संपत्ति का उपयोग देखने को मिल रहा है. कई प्रत्याशियों के झंडे व बैनर पोस्टर बिजली खंभों में लटकाए गए है. इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर भी बैनर पोस्टर टांग दिए गए है.


सोशल साइट पर भी हो रहा प्रचार

प्रत्याशी व समर्थक जहां घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे है. वहीं सोशल साइट्स पर भी चुनावी प्रचार का रंग चढ़ा हुआ है. चुनाव प्रचार पूरी तरह से हाइटेक हो चुका है. महापौर व पार्षद के प्रत्याशी सोशल साइट्स के माध्यम से प्रचार कर रहे हैं और अपने पक्ष में वोटों की अपील कर रहे हैं. वर्तमान समय में अधिकांश व्यक्ति के पास मोबाइल में इंटरनेट की सुविधा मौजूद है. इसके अलावा कम्प्यूटर व लेपटाप का उपयोग अधिकांशः लोग करते है. जिसे देखते हुए प्रत्याशियों ने सोशल साइट के माध्यम से प्रचार शुरू कर दिया है. प्रत्याशियों के अलावा उनके समर्थक किए गए जनसंपर्क की फोटो अपलोड कर रहे हैं. ऐसे चुनावी प्रचार के फोटो को जमकर कमेंट्स भी मिल रहे है. लाइक करने वालों की संख्या भी काफी अधिक है.

प्रिंटिंग प्रेसों में भीड़-भाड़
चुनावी प्रचार के लिए प्रत्याशी व उनके समर्थक बैनर, पोस्टर, पाम्पलेट छपवा रहे है. जिसके कारण प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की चांदी हो रही है. 19 दिसंबर को नाम वापसी का अंतिम दिन था. इसी दिन प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आबंटित किए गए थे. चुनाव चिन्ह मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशियों ने पाम्पलेट, बैनर, पोस्टर छपवाना शुरू किया है. जबकि भाजपा-कांग्रेस व अन्य राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने काफी पहले से ही पोस्टर, बैनर छपवा लिए थे. अभी प्रिंटिंग प्रेसों में सुबह से लेकर रात तक छपाई कराने वाले पहुंच रहे है. प्रिंटिंग प्रेसों के कर्मचारियों को सांस लेने तक की फुर्सत नहीं मिल पा रही है. देर रात तक वे काम निपटा रहे है.

वाहनों की हो रही पूछ-परख
प्रचार-प्रसार के लिए वाहनों की डिमांड बढ़ गई है. प्रत्याशी के समर्थक वाहनों में घूम-घूमकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. जिसके कारण इन दिनों प्रचार वाहन के रूप में गामा, टै्रक्स, मार्शल, बोलेरो व अन्य वाहनों की पूछ-परख बढ़ गई है. चुनावी मौसम को देखते हुए वाहन मालिकों ने किराए में भी इजाफा कर दिया है.

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