छत्तीसगढ़: ‘क्यों पैदा करते हो… बच्चे’

कोरबा | अब्दुल असलम: छात्रावास में अपने बच्चे को दाखिला दिलाने को लेकर अधिकारी के पास गई महिला को दुव्यवहार का शिकार होना पड़ा. अधिकारी ने महिला की मदद तो नहीं की उलटा उसे ही अपमानित करते हुए कहा कि क्यों कुत्ते-बिल्ली के जैसे बच्चे पैदा करते हो कहते हुए उसको भगा दिया. घटना के बाद आहत महिला ने मामले की शिकायत कोरबा प्रभारी कलेक्टर, महिला बाल एवं विकास विभाग, पुलिस और राज्य महिला आयोग से की है.

बताया जा रहा है गांधीचौक बुधवारी में रहने वाली फिरतीन बाई साहू करीब 15 दिन पहले अपने बेटे हेमंत साहू (8) वर्ष को छात्रावास में दाखिला दिलाने के लिए कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन दी थी. जिला कलेक्टर पी दयानंद ने मामले में गंभीरता दिखाते तत्काल आवश्यक कार्रवाई हेतु आवेदन सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत दुबे के पास भेज दिया.

लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी श्रीकांत दुबे द्वारा हेमंत को छात्रावास में दाखिला दिलाये जाने हेतु कोई कार्रवाई नहीं की गई. उल्टे आवेदन की स्थिति जानने पहुंची फिरतीन बाई को ही अपशब्द कहते उसे यह तक कह डाला कि क्यों कुत्ते बिल्ली के जैसे बच्चे पैदा करते हो.

अधिकारी के बातों से आहत फिरतीन रोते-बिलखते उनके दफ्तर से बाहर आ गई.

फिरतीन बाई ने बिलखते हुए कहा कि वर्ष 2011 में मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से उसके पति कहीं चले गए जिनका आजतक पता नहीं चल सका है. गरीब परिवार से ताल्लुक रखने की वजह से घर का गुजारा भी चलाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में दो बच्चों में से एक बच्चे हेमंत को छात्रावास में दाखिल कराना चाह रही थी लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी मेरी मदद करने की बजाए मुझे कुत्ते बिल्ली जैसे बच्चे पैदा क्यों किए हो कह अपमानित किया है. इस बात से मेरे आत्म सम्मान को काफी आघात पहुंचा है, इसलिए मैने न्याय मांगते हुए कलेक्टर कोरबा व रामपुर चौक पुलिस से मामले की शिकायत की है.

हालांकि प्रभारी कलेक्टर संदीपन भोस्कर ने जांच कर कार्यवाही का आश्वासन दिया है. इधर सहायक आयुक्त श्रीकांत दुबे ने अपनी सफाई में महिला द्वारा लगाये गये आरोपों से इंकार किया है.

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