छत्तीसगढ़ के श्रेयांश न.1 पर

कोरबा | अब्दुल असलम: छत्तीसगढ़ के कोरबा के तेजी से उभरते बैडमिंटन खिलाडी श्रेयांश जायसवाल भारत में 1 नंबर रैंक पर आ गए है. पहली बार राज्य के किसी खिलाड़ी ने राष्ट्रीय स्तर पर सीनियर कैटेगरी में टॉप किया है.

छत्तीसगढ़ के कोरबा के रविशंकर शुक्ल नगर निवासी श्रेयांश जायसवाल ने वर्ष 2004 में 10 वर्ष की उम्र में बैडमिंटन का रैकेट हाथ में थामा था. बेहद फुर्तीले और कलाई के इस खेल में कड़ी मेहनत के बूते ताज़ा रैंकिंग में श्रेयांश जायसवाल को भारत के सीनियर कैटेगेरी में न.1 खिलाडी बना दिया है.


उन्होंने अपने करियर की शुरूआत से अब तक 13 बार राज्य स्तर पर, 11 राष्ट्रीय ओपन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागिता अर्जित कर कई पदक जीते हैं. श्रेयांश को बीते वर्ष देश में तीसरी वरीयता तथा विश्व में 245वीं रैंकिंग खिलाड़ी होने का तमगा भी प्राप्त हो चुका है.

अक्टूबर 2015 में आंध्रप्रदेश के काकीनाड़ा की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उपविजेता बनने पर उनका चयन अंतरराष्ट्रीय चैलेंज टूर्नामेंट बहरीन के लिए हुआ था. कदम-दर-कदम आगे बढ़ते हुए देश में तीसरी तथा विश्व में 245वीं वरीयता प्राप्त चुके हैं.

शुरू से मेधावी रहे श्रेयांश ने उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने इंजीनियरिंग की राह चुनी और वर्तमान में वे जवाहर लाल नेहरू टेक्निकल यूनिवर्सिटी हैदराबाद में बीई कंप्यूटर साइंस के अंतिम वर्ष के छात्र हैं.

खेल करियर के दौरान उन्होंने दर्जनों देशों का दौरा कर ओपन चैंपियनशिप में हिस्सेदारी की. श्रेयांश ने अब तक 12 अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में हिस्सा लिया है. उन्होंने रूस, जर्मनी, पोलैंड, नीदरलैंड्‍स, थाईलैंड, सिंगापुर, श्रीलंका, वियतनाम व दक्षिण कोरिया की ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप शामिल हैं.

नवंबर को जारी सीनियर बैडमिंटन खिलाड़ियों के नेशनल रैंकिंग में छत्तीसगढ़ के तेजी से उभरते खिलाडी श्रेयांश जायसवाल नंबर एक पर आ गए है. पहली बार राज्य के किसी खिलाड़ी ने राष्ट्रीय स्तर पर सीनियर कैटेगरी में टॉप किया है.

पीवी सिंधु, साइना नेहवाल जैसे कई अंतरराष्ट्रीय खिलाडियों को ट्रेनिंग दे चुके कोच पुल्लेलागोपीचंद की हैदराबाद अकादमी में श्रेयांश फिलहाल कड़ी प्रेक्टिस कर रहे हैं. साथ ही वे हैदराबाद के ही जवाहरलाल नेहरू तकनीकी विश्वविद्यालय (JNTU) में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र भी है. श्रेयांश की माने तो वो आने वाले समय में ओलिंपिक में मैडल ला कर देश, प्रदेश और अपने माता-पिता का नाम रौशन करना चाहता है.

कोरबा में एसईसीएल कर्मचारी नरेंद्र कुमार जायसवाल श्रेयांश के पिता का सपना है कि उनका बेटा ओलिंपिक में देश को रिप्रेजेंट करे और देश के लिए मैडल लाये. कहते है कड़ी मेहनत और पूरी ईमानदारी से किया गया कोई भी प्रयास जाया नही जाता. श्रेयांश के देश का न.1 खिलाडी बनने के पीछे उसकी लगन और कड़ी मेहनत ही जो आज उसको इस सफलता के मुकाम पर पहुचाया दिया.

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