किसान ले रहे दोहरी फसल

रायपुर | संवाददाता: हरित क्रांति विस्तार योजना में चेकडेम बनने से किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है. छत्तीसगढ़ के कुम्हारी गांव के किसान बताते हैं कि पहले यहां केवल एक फसल ली जाती थी लेकिन चेकडेम के निर्माण से गांव में दो फसल ली जा रही है. गांव में किसानों को भरपूर आमदनी हो रही है. कई किसानों की आमदनी दो गुनी भी हो गई है.

छत्तीसगढ़ के कुम्हारी गांव के किसान अंबिका और परशुराम सहित कई किसानों ने बताया कि “गांव में पहले चैकडेम नहीं होने से वर्षा का पानी व्यर्थ बह जाता था. लेकिन वर्ष 2012-13 चैकडेम बनने के बाद उन्हें फसल की सिंचाई के लिए तरसना नहीं पड़ रहा है”.

किसानों ने बताया कि चैकडेम बनने से गांव के 15 किसान लाभान्वित हो रहे हैं. कुम्हारी गांव में चैकडेम से लाभान्वित हो रहे किसानों ने बताया कि पहले धान की फसल के लिए भी पानी की कमी पड़ जाती थी. लेकिन हरित क्रांति विस्तार योजना से बनाए गए चैक डेम से न केवल धान की फसल के लिए पानी मिल रहा है बल्कि रबी फसल के लिए भी पानी मिल रहा है.

चेकडेम बनने के पहले गांव में 11.944 हेक्टेयर में खेती होती थी चेकडेम बनने के बाद अब यह रकबा बढ़कर 18 .944 हेक्टेयर हो गया है. पहले सिफ धान की खेती होती थी लेकिन अब 4.500 हेक्टेयर में चना और 2.500 हेक्टेयर में चना की फसल लगायी जाती है. इसी प्रकार धान की उत्पादकता 28 हजार क्विंटल से बढकर 35 हजार क्विंटल हो गयी है. गांव में 14 हजार क्विंटल गेहूं और 500 क्विंटल चना का भी उत्पादन हो रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *