छत्तीसगढ़: पत्रकारिता सच्चाई का अनुष्ठान

रायपुर | संवाददाता: केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पत्रकारिता कोई साधारण काम नहीं, बल्कि सच्चाई का एक बहुत बड़ा अनुष्ठान है. इसमें धोखा और फरेब के लिए कोई स्थान नहीं है. उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वालों को जन-साधारण की आकांक्षाओं पर खरा उतरना होगा और उन्हें यह देखना होगा कि वे जो काम कर रहे हैं, वह देश और समाज के लिए उपयोगी है या नहीं.

केन्द्रीय गृह मंत्री शनिवार दोपहर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे. शनिवार को इस विश्वविद्यालय का बारहवां स्थापना दिवस भी मनाया गया. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 16 अप्रैल 2005 को छत्तीसगढ़ के इस प्रथम और इकलौते पत्रकारिता विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया था.

समारोह में 234 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गई. उनके अलावा दो विद्यार्थियों को पी-एच. डी. और तीन विद्यार्थियों को एम.फिल की उपाधि प्रदान की गई.

समारोह के मुख्य अतिथि श्री सिंह ने दीक्षांत भाषण में कहा कि आधुनिक युग में सोशल मीडिया के अंतर्गत फेसबुक और टिवटर आदि के उदभव से पत्रकारिता का क्षेत्र पहले की तुलना में अब और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है. उन्होंने कहा कि कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन की मौत की खबर सबसे पहले टिवटर पर ब्रेक की गई थी.

दीक्षांत भाषण में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया. उन्होंने दीक्षांत भाषण में कहा कि ज्ञान के साथ चरित्र और अच्छे संस्कारों का होना भी जरूरी है.

भारत के बारे में विभिन्न विदेशी विद्वानों के विचारों का उदाहरण देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति दुनिया की सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है और हम सबको इस पर गर्व होना चाहिए.

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