छत्तीसगढ़: कोयला खान विस्तार को ना

नई दिल्ली | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कुसमुंडा कोयला खदान को उसके विस्तार की अनुमति नहीं दी गई. पर्यावरण मंत्रालय के विशेषज्ञ समिति ने छत्तीसगढ़ के कुसमुंडा कोयला खदान को उसके विस्तार की अनुमति देने से इसलिये इंकार कर दिया है पर्यावरण कानून का गंभीर रूप से उल्लंघन किया जा रहा है. इसके अलावा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के कुसमुंडा खदान अपने इलाके वायु की गुणवत्ता बनाये रखने में असमर्थ पाया गया.

उल्लेखनीय है कि कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल ने कुसमुंडा कोयला खदान के 10 गुणा विस्तार की अनुमति पर्यावरण मंत्रालय से मांगी थी.

कुसमुंडा कोयला खदान के विस्तार का गैर-सरकारी संगठन विरोध कर रहें हैं. उनका कहना है कि खदान के कारण कोरबा का वायु तथा जल प्रदूषण बढ़ा है. यहां पर बड़ी संख्या में आदिवासी रहते हैं. अपने पिछले बैठक में पर्यावरण मंत्रालय के समिति ने कुसमुंडा खदान के विस्तार के प्रस्तावक आरोपों का संतोषजनक जवाब देने में असमर्थ रहें हैं.

पर्यावरण मंत्रालय के समिति ने अनुशंसा की है कि इस विस्तार परियोजना को फिलहाल मंजूरी नहीं दी जा सकती है. प्रस्तावित कोयला खदान के विस्तार से 17 गांव, 125 स्कूल तथा 90 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द् प्रभावित होगें.

गौरतलब है कि कोयले के कारण ही छत्तीसगढ़ का कोरबा जिला गंभीर रूप से प्रदूषित है.

छत्तीसगढ़: कुसमुंडा खदान का विरोध

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