छत्तीसगढ़: LPG बॉटलिंग प्लांट खुलेगा

रायपुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के तीन जिलों बस्तर, कोरबा और राजनांदगांव में एलपीजी बॉटलिंग प्लामट खुलेगा. इसी के साथ प्रदेश भर में लगभग 700 नये रसोई गैस वितरकों की भी नियुक्ति होगी. यह सब ‘उज्जवला’ योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 25 लाख परिवारों को आगामी दो सालों में सांकेतिक मूल्य पर रसोई गैस कनेक्शन देने के लिये किया जायेगा. जिसका लाभ छत्तीसगढ़ की 1 करोड़ जनता को मिलेगी. ये कनेक्शन परिवार के महिलाओं के नाम पर होगें.

केन्द्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में विचार विमर्श के बाद इन प्रस्ताव को हरी झण्डी दे दी.


श्री प्रधान ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय गैस प्राधिकरण (GAIL) का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की भी सहमति प्रदान कर दी.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जो प्रधानमंत्री की उज्जवला योजना में अपनी भागीदारी निभाने सबसे पहले आगे आया है.

छत्तीसगढ़ सरकार चूल्हा और प्रथम सिलेण्डर की राशि वहन करेगी, जिसमें राज्य की ओर से लगभग 300 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे. उज्जवला योजना के तहत देश भर में गरीबी रेखा श्रेणी के लगभग पांच करोड़ परिवारों को नाम मात्र की सांकेतिक राशि लेकर रसोई गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य है.

यह योजना देश के गरीब परिवारों की महिलाओं को परम्परागत चूल्हे के धुएं से होने वाली परेशानियों से राहत दिलाएगी.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 22 लाख है. उज्जवला योजना के क्रियान्वयन से प्रदेश में रसोई गैस उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ेगी.

राज्य में एलपीजी वितरकों की संख्या वर्तमान में 366 है और 85 प्रक्रियाधीन है. पेट्रोलियम राज्य मंत्री श्री प्रधान ने इसे ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ में नये वितरक नियुक्ति का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. श्री प्रधान ने अपने साथ आए पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियेां ने इसके लिए राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

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