महानदी विवाद: ओडिशा में ट्रेन रोकी

रायपुर | समाचार डेस्क: महानदी जल बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ-ओडिशा का विवाद राजनीतिक रंग लेने लगा है. बुधवार को ओडिशा के झारसुगुड़ा में छत्तीसगढ़ की ओर आने वाली ट्रेनों को तीन घंटे रोके रखा गया. बीजू जनता दल का झंडा हाथ में लिये प्रदर्शनकारियों ने जेडी पैंसेजर को तीन घंटे तक रोके रखा. इसके अलावा उधर से छत्तीसगढ़ आने वाली कई ट्रेनें प्रभावित हो गई.

उल्लेखनीय है कि ओडिशा सरकार छत्तीसगढ़ से शुरु होकर वहां जाने वाली महानदी के लेकर विवाद खड़ा कर रही है. ओडिशा सरकार का कहना है कि महानदी पर बन रहे बैराजों के कारण उऩके यहां पानी का संकट हो सकता है. खा़सकर भुवनेश्वर तथा कटक में जहां हीराकुंड डैम से पानी सप्लाई किया जाता है.

महानदी जल बंटवारे का विवाद ओडिशा में राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है. कई राजनीतिक दल भी इसमें कूद पड़े हैं. जिसके परिणाम स्वरूप बुधवार को छत्तीसगढ़ आने वाली ट्रेने रोकी गई.

उल्लेखनीय है कि ओडिशा के मुख्य सचिव ने एक बयान जारी करके कहा है कि छत्तीसगढ़ द्वारा महानदी पर बनाये जा रहे बैराज अवैध हैं, उन्हें रोका जाना चाहिये. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने बैराज की जानकारी ओडिशा को नहीं दी है.

जबकि छत्तीसगढ़ के जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस पर कहा कि छोटे बैराज बनाने के लिये केन्द्र सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती है. केन्द्र की अनुमति केवल बड़े बांधों के लिये लेनी होती है. उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ ने एकमात्र बन रहे बड़े बांध अरपा-भैंसाझार के लिये केन्द्रीय जल आयोग से अनुमति ली है.

ओडिशा के बीजू जनता दल का कहना है कि छत्तीसगढ़ महानदी पर इतने बैराज बना रहा है कि उनके लिये पानी ही नहीं बचेगा. बीजू जनता दल का कहना है कि ओडिशा के हीराकुंड बांध में बरसात के सीजन में महानदी से पानी आता है. जो छत्तीसगढ़ में नये बैराज बनाने से कम हो जायेगा. छत्तीसगढ़ को बड़े बैराज का आकार छोटा करना चाहिये.

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