एथलेटिक एकेडमी खुले

रायपुर | एजेंसी: एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए फ्लाइंग सिख पद्मश्री मिल्खा सिंह ने रविवार को कहा कि नया रायपुर में एथलेटिक अकादमी खुलना चाहिए. जिससे छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों के मेहनती बच्चों को भी शामिल करके प्रशिक्षण दिया जाए.

छत्तीसगढ़ के नया रायपुर में एक काऊंटी क्लब के उद्घाटन में आए मिल्खा सिंह ने कहा कि देश में 50 हजार कोच होने के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी अपनी पहचान नहीं बना पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि विदेशों में बच्चों का खेल रिकॉर्ड स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक रखा जाता है.

मिल्खा सिंह ने कहा, “मेरी ख्वाहिश है कि दुनिया छोड़ने के पहले मैं देश के किसी नौजवान खिलाड़ी को ओलंपिक में वह पदक हासिल करते देख सकूं जो मेरे हाथों से फिसल गया. मैं तो तिरंगा फहरा नहीं सका था, उसे कोई फहरा दे.”

मिल्खा के अनुसार देश के पांच एथलीट ऐसे रहे हैं, जो फाइनल में पहुंचने के बावजूद ओलंपिक पदक लेने से चूक गए. 1960 में ओलंपिक में मिल्खा सिंह के अलावा 1964 में रंधावा, 1974 में रामसिंह और वर्ष 1984 में पी.टी.उषा ऐसी एथलीट हैं, जो ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने के बावजूद पदक प्राप्त करने से चूक गए.

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