कोल ई-आक्शन: छत्तीसगढ़ फायदे में

रायपुर | विशेष संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार को कोल ब्लॉकों के नये ई-आक्शन से आर्थिक फायदा होगा. सोमवार को केन्द्र सरकार ने कोयला ब्लॉक आवंटन मुद्दे पर अध्यादेश लाने का फैसला किया है. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आवंटित कोयला ब्लॉक रद्द किए जाने के कारण लंबित मामलों के निपटारे के लिए यह निर्णय लिया गया. जेटली ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को अध्यादेश जारी करने का सुझाव देगी.

जेटली ने कहा, “संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की पिछली सरकार ने जितने भी गड़बड़झाले किए हैं, उन सबको अगले चार महीनों में सुलझा लिया जाएगा.” जेटली ने पत्रकारों को बताया कि विवादित सभी कोयला ब्लॉक पूर्वी क्षेत्र में स्थित हैं तथा नीलामी के जरिए एकत्रित राजस्व संबंधित राज्य को दे दिया जाएगा.


गौरतलब है कि सर्वोच्य न्यायालय ने 1993-2010 के बीच आवंटित किये गये सभी 153 कोल ब्लॉकों को अवैध करार दिया था तथा केन्द्र सरकार से इस पर निर्णय लेने को कहा था. सोमवार को केनंद्रीय मंत्रीमंडल ने फैसला लिया है कि इन कोल ब्लॉकों की ई-आक्शन कराया जायेगा तथा प्राप्त राजस्व को संबंधित राज्यों को दे दिया जायेगा.

उल्लेखनीय है कि इन 153 कोल बलॉकों में से छत्तीसगढ़ में 37 कोल ब्लॉक स्थित हैं. जिनमें से 13 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को आवंटित किये गये हैं तथा शेष 24 कोल ब्लॉकों को 50 निजी कंपनियों को आवंटित हैं. हालांकि जब तक इन कोल ब्लॉकों की ई-नीलामी न हो जाये तब तक यह कहना मुश्किल है कि छत्तीसगढ़ सरकार को कितना राजस्व मिलने वाला है. हां, इतना तय है कि जिन निजी कंपनियों ने थोड़ा बहुत भी काम शुरु किया है या जिन्होंने जमीन का अधिग्रहण किया वे इन कोल ब्लॉकों को पाने के लिये एड़ी-चोटी का राजस्व देने को तैयार हो जायेंगे. जाहिर है कि इससे छत्तीसगढ़ सरकार की माली हालत में सुधार होगा.

छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक

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