छत्तीसगढ़ की फिल्में अवार्ड से वंचित?

रायपुर | समाचार डेस्क: अब तक लगभग 175 छत्तीसगढ़ी फिल्मों का निर्माण हो चुका है. इसमें से एक भी छत्तीसगढ़ी फिल्म को अब तक राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं मिला है, जबकि क्षेत्रीय भाषा मैथिली, भोजपुरी व हरियाणा में बनी फिल्मों को मिल चुका है. आने वाले समय में छत्तीसगढ़ी फिल्मों को राष्ट्रीय पुरस्कार में कैसे शामिल किया जाए, इस पर मंथन की दरकार है.

ये बातें गुरुवार की शाम आयोजित पत्रकारवार्ता में रायपुर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के संयोजक सुभाष मिश्रा ने कही. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ फिल्म एंड विजुअल आर्ट सोसायटी द्वारा द्वितीय रायपुर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह का आयोजन शुक्रवार से रायपुर व भिलाई में किया जा रहा है. यह 16 अप्रैल तक चलेगा.

मिश्रा ने बताया कि फिल्म महोत्सव के आयोजन का मुख्य उद्देश्य हजारों कलाकारों को फिल्म निर्माण, अभिनय, कैमरा, संगीत एवं वादन कला को निखारकर उसे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पहचान देना है. इस बार बाल आश्रम के बच्चे में इसमें शामिल होंगे.

उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल को होने वाले फिल्म महोत्सव के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि केतन मेहता, अध्यक्षता प्रकाश झा और विशेष अतिथि दीपा साही मेहता, दिव्या दत्ता, कुमुद मिश्रा, निखिल कौशिक (इंग्लैंड), जय बजाज कनाडा, सरफराज आलम (मास्को) होंगे.

दिल्ली से आए प्रसिद्ध निर्देशक अजित राय ने कहा कि रायपुर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में क्षेत्रीय भाषाओं के साथ-साथ हॉलीवुड की फिल्मों का प्रदर्शन होगा.

पत्रकार वार्ता में सुभाष मिश्र के साथ निर्देशक अजित राय, मुंबई से जयंत देशमुख, पद्मश्री अनुज शर्मा, प्रकाश अवस्थी, सुनील तिवारी, आयशा खान, करण खान सहित कई फिल्म निर्देशक एवं कलाकार उपस्थित थे.

इस फिल्म समारोह में देशभर की कई अनरिलीज फिल्मों का प्रीमियर शो भी होगा, जिसमें प्रमुख रूप से दास कैपिटल (हिंदी), पगड़ी द ऑनर (हरयाणवी), पतंग (हिंदी), कौन कितने पानी में (हिंदी) जैसी कई फिल्में शामिल हैं.

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