छत्तीसगढ़: नान घोटाले पर हंगामा

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ विधानसभा में नागरिक आपूर्ति निगम से जुड़े घोटाले पर जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी कांग्रेस ने जहां सीबीआई से जांच कराने की मांग की वहीं सत्ता पक्ष के भाजपा ने इसे ‘छोटा मामला’ कहा. उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के ‘नान घोटाले’ से जुड़ी एक डायरी में दो मंत्रियों, एक पूर्व मंत्री सहित कई अधिकारियों के नाम आने के बाद विपक्ष ने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की बुधवार को मांग की, जिसे भाजपा ने खारिज कर दिया है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि सीबीआई छोटे मामलों की जांच नहीं करती. सुंदरानी ने कहा, “नागरिक आपूर्ति निगम, नान घोटाला उतना बड़ा मामला नहीं है कि उसकी जांच सीबीआई से कराई जाए. राज्य सरकार के पास जांच के लिए पर्याप्त संसाधन हैं.”

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन में विपक्षी विधायकों ने नान घोटाले की सांकेतिक डायरी उछालते हुए जमकर नारेबाजी की. कांग्रेस विधायकों ने काली पट्टी लगाकर सदन के बाहर प्रदर्शन भी किया और घोटाले की सीबीआई जांच की मांग दोहराई.


कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार जांच से बचना चाहती है, क्योंकि घोटाले के तार मुख्यमंत्री आवास से भी जुड़े हैं. नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव ने भी सीबीआई जांच की मांग पर जोर दिया.

नागरिक आपूर्ति निगम, नान घोटाले पर कांग्रेस ने बुधवार को विधानसभा में भारी हंगामा किया. कांग्रेसी विधायक सिर पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे. वे नान की प्रतीकात्मक डायरी लेकर पहुंचे थे.

कांग्रेस के हंगामे पर मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा, “विपक्ष का सदन में सिर पर पट्टी बांधकर आना, पर्चे लहराना सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है. सदन में यह प्रतिबंधित है. इस दौरान विपक्ष लगातार हंगामा करते हुए नान के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करता रहा.”

कांग्रेस विधायकों के हंगामे पर आसंदी ने कहा कि बिना अनुमति और सूचना सदन में ऐसा प्रदर्शन ठीक नहीं है. यह सदन की परंपरा के खिलाफ है.

क्या है मामला :
ईओडब्ल्यू और भ्रष्टाचार निवारक ब्यूरो की टीमों ने बीती 12 फरवरी को कई ठिकानों पर छापेमारी कर नान के अधिकारियों-कर्मचारियों के यहां से सात करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध रकम जब्त की थी.

इसी दौरान अवंति विहार स्थित मुख्यालय की जांच के दौरान कथित तौर पर एक डायरी मिली, जिसमें कमीशन लेने वालों के नाम दर्ज हैं. डायरी में एक पूर्व मंत्री सहित दो वर्तमान मंत्रियों के नामों का उल्लेख है. इसके अलावा एक प्रमुख सचिव, एक सचिव और तीन बड़े अफसरों सहित दो अन्य नेताओं से करोड़ों रुपये के लेन-देन का जिक्र है.

कथित डायरी के अनुसार, एक प्रमुख सचिव और डायरेक्टर भी नान अधिकारियों से पैसे लिया करते थे. डायरी में मंत्रियों के नाम कोड वर्ड में लिखे गए हैं.

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