छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस अवार्ड

रायपुर | संवाददाता: राष्ट्रीय पुरस्कारों की श्रृंखला में छत्तीसगढ़ के खाते में एक और उपलब्धि दर्ज हो गयी है. छत्तीसगढ़ को वर्ष 2014-15 के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली के अभिनव प्रयोजन श्रेणी में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड – गोल्ड प्रदान करने की घोषणा की गई है. पुरस्कार के संबंध में छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस क्षेत्र में किये गये उत्कृष्ठ कार्यो के आधार पर प्रति वर्ष गोल्ड तथा सिल्वर मेडल दिया जाता है.

सौरभ कुमार ने बताया कि पुरस्कार के लिए बनी चयन समिति द्वारा योजना का भौतिक मूल्यांकन नवम्बर में किया गया तथा भारत सरकार के प्रशासनिक तथा उद्योग विभाग के उच्च अधिकारियों की गठित ज्यूरी के समक्ष नई दिल्ली के प्रस्तुतीकरण भी दिया गया.

उल्लेखनीय है कि चिप्स द्वारा विस्तृत भौगोलिक सूचना प्रणाली कें अंतर्गत इसरो की सहायता से 37 प्रमुख लेचर्स की जानकारी राज्य के 20 हजार से अधिक गांवों के लिए तैयार की है. छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने सभी गांवों की भूमि के नक्शों का जियोरेफरेंस के साथ डिजीटलीकरण किया है. देश में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ ने भूमि के बंटवारे को नक्शों पर अपडेट करने के लिए ऑनलाईन सॉफ्टवेयर तैयार किया है.

छत्तीसगढ़ के अधिकांश विभागों, कम्पनी, संस्थाएँ द्वारा जी.आई.एस. प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है. अनेक उद्योग तथा संस्थाएँ योजना निर्माण के लिए इस प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं. राज्य द्वारा ई-गवर्नेंस क्षेत्र में उठाए गये अभिनव पहल ने देश के अनेक राज्यों को भी प्रभावित किया है.

गत एक वर्ष में लोक निर्माण विभाग के लिए वेब आधारित जी.आई.एस. एप्लिकेशन, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के लिए छत्तीसगढ़ के गांवों में स्थापित स्कूलों की प्लॉटिंग तथा मैपिंग कर जी.पी.ए. पॉइंट की स्थापना, राज्य के 27 जिलों को एटलस एवं सरगुजा जिले के जलविभाजन के महत्वपूर्ण 15 विषयक मेप एवं विकास योजना, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग हेतु विद्युत लाईन बिछाने तथा विद्युत ग्रीड के लिए वेब एप्लिकेशन, आदि अनेक महत्वपूर्ण कार्य किये गये है. अमन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने जी.आई.एस. डाटा का उपयोग पंचायतों के लिए योजना निर्माण करने का निर्देश भी दिया है.

इस वर्ष यह पुरस्कार 30 जनवरी को गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 18वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान दिया जायेगा. गोल्ड सम्मान के अंतर्गत परियोजना तथा संबंधित टीम के समस्त सदस्यों को प्रमाण-पत्र एवं 2 लाख रूपये नगद प्रदान किया जायेगा.

मुख्यमंत्री और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी मंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा चिप्स को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए शासकीय सेवाएँ और भी पारदर्शिता के साथ नागरिकों को उनके निवास के निकट ही उपलब्ध कराने में सफल होगी. डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विगत ग्यारह वर्षों में प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है.

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