छत्तीसगढ़: सैकड़ों ग्रामीणों का अपहरण

जगदलपुर | एजेंसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होने दंतेवाड़ा जा रहे मारेंगा के 500 ग्रामीणों को नक्सलियों ने शनिवार को यहां अगवा कर लिया. यह घटना मोदी के यहां पहुंचने से ठीक चार घंटे पहले सुकमा जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र का है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि तोंगपाल थाना क्षेत्र के मारेंगा गांव के लगभग 500 ग्रामीण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होने घर से निकले थे. गांववासी मुख्य सड़क पर पहुंचने ही वाले थे कि वहां 100 की संख्या में वर्दीधारी हथियारबंद नक्सली आ धमके. नक्सलियों ने बंदूक की नोक पर सभी ग्रामीणों को बंधक बना लिया और उन्हें जंगल की ओर लेकर चले गए.

सुकमा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर ने बताया कि ग्रामीणों को छुड़ाने की रणनीति बनाई जा रही है. जवानों को सीधे वहां भेजने पर नक्सली सुरक्षाबल को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए ग्रामीणों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है.


मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बस्तर में मीडिया से बातचीत में कहा कि नक्सलियों ने 250 ग्रामीणों का अपहरण कर लिया है.

उन्होंने कहा कि अपहृत ग्रामीणों की रिहाई के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं. बंधक बनाए गए ग्रामीणों को छुड़ाने का स्थानीय स्तर पर प्रयास किया जा रहा है. बंधक ग्रामीणों में अधिकांश भाजपा से संबद्ध हैं.

यह अपने आप में हैरत वाली बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बस्तर में मौजूदगी, सुरक्षा हेतु लगाए गए 11 हजार जवानों की तैनाती के बावजूद नक्सलियों ने ग्रामीणों का अपहरण कर लिया. इससे यह साफ होता है कि नक्सलियों का बस्तर में कितना असर है.

सूत्रों के अनुसार, मोदी की सभा के लिए निकले ग्रामीणों का अपहरण नक्सलियों ने इसलिए किया, क्योंकि नक्सलियों ने प्रधानमंत्री के बस्तर आगमन का विरोध करते हुए बस्तर बंद का आह्वान किया था.

मोदी के बस्तर दंतेवाड़ा आगमन के महज चार घंटे पहले शनिवार सुबह सुकमा जिले के नक्सलियों ने मोदी की सभा में शामिल होने जा रहे करीब 500 ग्रामीणों को अगवा कर लिया. अपहृत ग्रामीणों का फिलहाल कोई सुराग नहीं लग पाया है.

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव से निकलकर ग्रामीण दंतेवाड़ा जाने वाली मुख्य सड़क पर पहुंचे ही थे कि वर्दीधारी आधुनिक हथियारों से लैस नक्सलियों ने सभी ग्रामीणों को बंधक बनाकर जंगल की ओर ले गए. इस दौरान नक्सलियों ने ग्रामीणों का मोबाइल फोन भी अपने पास रख लिया.

सूत्रों के अनुसार, नक्सली बारनदी पर बन रही पुलिया का विरोध करने पहुंचे थे. नक्सलियों ने हैदराबाद की पुलिया निर्माण कंपनी के 17 कर्मचारियों को भी अगवा कर लिया है.

इससे पहले नक्सलियों ने दंतेवाड़ा जिले के कामालूर एवं कुम्हार साडरा रेलवे स्टेशन के मध्य जंगल में रेल पटरियां उखाड़ दी. नक्सलियों के बंद के चलते रेलगाड़ियों का परिचालन पहले ही बंद कर दिया गया था. रेलवे दल पटरियों की मरम्मत में लगा है.

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