बीजापुर: नक्सली धमकी से भाजपा छोड़ी

बीजापुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के बस्तर के भोपालपटनम के बाद अब आवापल्ली उसूर के 10 भाजपा कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है. नक्सलियों की धमकी के बाद मंगलवार को भाजपा जिला अध्यक्ष जी वेंकट को वहां के दस सदस्यों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

इस्तीफा देने वालों में भाजपा के मंडल अध्यक्ष भी शामिल हैं. जिले में अब तक 27 भाजपा कार्यकर्ताओ ने नक्सली धमकी के बाद पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.


मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को उसूर की भाजपा मंडल अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य जानकी कोसी, केबी श्रीनिवास, नीलकंठ कक्केम, अर्जुन काका, रामचंद्र बुरका, रुकमणी कावरे, सहदेव वाचम, सिट्टी मोरला, शशिकला ध्रुवा व ध्रुवा किस्तैया ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.

उल्लेखनीय है कि बस्तर के बीजापुर में नक्सलियों ने भाजपा के दो स्थानीय नेताओं की हत्या कर दी थी. उसके बाद से नक्सली दहशत के चलते भोपालपटनम ब्लॉक के करीब डेड़ दर्जन स्थानीय भाजपा सदस्यों ने पार्टी छोड़ दिया. उसके बाद से ही नक्सली उसूर ब्लॉक में दबाव बना रहे थे.

संकेत है कि अभी और भाजपा के लोग नक्सली दहशत के चलते पार्टी छोड़ सकते हैं. अपने से दिगर विचार रखने वालों की हत्या करना लोकतंत्र के लिये अशुभ संकेतों से भरा हुआ है.

इससे जुड़ा हुआ सवाल है कि क्या कथित नक्सली तय करेंगे कि बस्तर के किस बाशिंदे को कौन सी राजनीतिक दल का सदस्य बनना चाहिये और कौन सी पार्टी का नहीं.

लोकतंत्र में हर नागरिक को अधिकार है कि वह कोई भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी का सदस्य बन सकता है तथा उसके विचारों के प्रचार-प्रसार के लिये काम कर सकता है.

सत्तर के दशक में नक्सलियों ने पश्चिम बंगाल तथा आंध्रप्रदेश में सबसे ज्यादा माकपा के कार्यकर्ताओं की हत्या की थी उसके बाद भी माकपा के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में वामपंथियों ने तीन दशकों तक राज किया तथा फिलहाल केरल तथा त्रिपुरा में उनकी सरकार है.

छत्तीसगढ़ के बस्तर में फैला नक्सलवाद व्यक्ति की हत्या कर, उसे डराकर विचारों को दबाने की नाकाम कोशिश कर रहा है.

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